उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल ब्लड डोनेट करने के लिए बीजेपी ऑफिस पहुंचे और बेड पर लेट गए. इसके बाद डॉक्टर ने इंजेक्शन निकाला और कार्यकर्ताओं ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया. रक्तदान से पहले हुई इस फोटोबाजी के बाद मेयर साहब ठहाके लगाते हुए खड़े हो गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और यूजर्स मेयर साहब की इस 'एक्टिंग' पर तरह-तरह के कमेंट्स करने लगे.
इस पर सफाई देते हुए मेयर विनोद अग्रवाल ने कहा कि डायबीटीज और हार्ट पेशेंट होने के चलते डॉक्टर ने उन्हें रक्तदान करने से मना कर दिया था. बता दें, डॉक्टरों ने पहले मेयर विनोद अग्रवाल का बीपी चेक किया, फिर ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया को शुरू कराया, लेकिन ब्लड डोनेट करने से पहले मेयर हाथ में गेंद पकड़े जोर-जोर से हंसने लगे. उन्होंने कहा कि डॉक्टर साहब रहने दीजिए, हम तो ऐसे ही आए हैं. ये कहते हुए वह बेड से उठ गए.
वीडियो वायरल होने पर मेयर विनोद अग्रवाल ने दी सफाई
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स मेयर साहब की इस 'एक्टिंग' पर तरह-तरह के कमेंट्स करने लगे. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा की तरफ से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था. शिविर में भाजपाइयों ने रक्तदान किया था.
PM मोदी के बर्थडे पर बीजेपी ऑफिस में लगा था रक्तदान शिविर
वहीं, जिला अस्पताल मुरादाबाद की प्रमुख अक्षीक्षक डॉक्टर संगीता गुप्ता ने बताया कि ब्लड डोनेशन के प्रोटोकॉल होते हैं. जिसमें 18 से 55 वर्ष की आयु वाले कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है. इसके बाद हम सारे ब्लड टेस्ट करते हैं. इनफेक्टेड ब्लड किसी दूसरे में न जाए, कोई डायबिटिक पेशेंट का शुगर अगर नॉर्मल है तो उसका ब्लड चढ़ाया जा सकता है. अगर कोई इन्सुलिन पर है उसका रक्त नहीं चढ़ाया जाता.