उत्तर प्रदेश के बरेली में जल जीवन मिशन की टंकी गिरने के मामले में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश के बाद बड़ा एक्शन लिया गया है. इस मामले की जांच के लिए गठित समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर जलशक्ति मंत्री के निर्देश पर निर्माण एजेंसी एनसीसी और थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी बीएलजी कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.
ब्लैकलिस्ट रहने तक कंपनी को कोई भी नया काम नहीं मिलेगा, इस मामले में निर्माण कंपनी एनसीसी और थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है. एजेंसियों पर कार्रवाई के साथ-साथ इस मामले में बरेली की एक्जीक्यूटिव इंजीनियर कुमकुम को भी निलंबित कर दिया गया है. गौरतलब है कि 4 मई को बरेली के आलमपुर जाफराबाद विकास खंड में एक निर्माणाधीन टंकी गिर गई थी.
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में निर्मित और निर्माणाधीन टंकियों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, इसके लिए टीपीआई द्वारा 'टेक्निकल सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट' बनाई जाए. साथ ही मंत्री ने उच्चाधिकारियों को परियोजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं.
इंजीनियरों के खिलाफ भी एक्शन
परियोजना निर्माण में अपने दायित्वों का पालन सही से न करने पर जल निगम की एक्जीक्यूटिव इंजीनियर कुमकुम और दो जूनियर इंजीनियरों को भी निलंबित किया गया है. साथ ही इन इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच भी होगी. योजना में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात दो सहायक अभियंताओं को बर्खास्त करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है. थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी बीएलजी कंस्ट्रक्शन सर्विसेज के बरेली में तैनात इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है.
कंपनी पर पेनाल्टी भी
ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ निर्माण एजेंसी पर पेनाल्टी भी लगाने के निर्देश जलशक्ति मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दिए हैं. निर्माण करने वाली कंपनी एनसीसी पर योजना की कुल लागत का 5 प्रतिशत पेनाल्टी लगाया गया है. इसके अलावा फर्म खुद के खर्च से नई पानी की टंकी का निर्माण करेगी. टीपीआई एजेंसी पर भी 1 प्रतिशत की पेनाल्टी लगाई गई है.