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'मुझे परेशान किया जा रहा, तीन महीने से वेतन नहीं मिला, मैं मर जाऊंगा...',  बरेली में JE का रोते हुए वीडियो वायरल

बरेली में एक जूनियर इंजीनियर का रोते हुए वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह आरोप लगा रहा है कि उसे परेशान किया जा रहा है और तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. जेई का आरोप है कि वो एससी समुदाय से हैं, इसलिए उसकी सुनवाई नहीं हो रहा है.

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बरेली में जूनियर इंजीनियर का रोते हुए वीडियो वायरल
बरेली में जूनियर इंजीनियर का रोते हुए वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के बरेली में जूनियर इंजीनियर का रोते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहा है कि मैं मर जाऊंगा. ऐसा इसलिए क्योंकि उसका वेतन रोका गया है. अधिकारी परेशान कर रहे हैं. आरोप है कि वह एससी है, इसलिए उसको परेशान किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर भूमि संरक्षण अधिकारी कहना है कि विभाग में कार्य होते हैं. उनके सामने ऐसा कोई वाकया नहीं हुआ है. ये आरोप निराधार है. 

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें भूमि संरक्षण विभाग के जूनियर इंजीनियर अजीत कुमार ने बीएसए यानी कि भूमि संरक्षण अधिकारी संजय पर वीडियो वायरल कर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में आरोप लगाया जा रहा है कि टॉयलेट जाने पर भी लेटर मिल जाता है. तीन महीने से उसका वेतन रोका गया है. साल भर से अनावश्यक प्रताड़ित कर रहे हैं, इसलिए मेरा वीडियो बना लो क्योंकि मैं मर जाऊंगा सही बता रहा हूं.  

अधिकारी बोले- सरकारी कार्य है 

हालांकि इस मामले में बीएसए यानी कि भूमि संरक्षण अधिकारी संजय सिंह का कहना है कि उनके सामने ऐसा कोई मामला नहीं आया है. यह सरकारी कार्य पत्र दिया जाता है. वह बहकावे में आकर ऐसा कार्य कर रहे हैं. अधिकारी बैठे हैं तो काम कराएंगे. आरोप निराधार हैं. हालांकि इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई है. जो भी आरोप लगे हैं इस पूरे मामले में जांच की जा रही है.  

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वीडियो में जूनियर इंजीनियर ने क्या आरोप लगाए?  

इस वायरल वीडियो में जूनियर इंजीनियर को रोते हुए देखा जा सकता है. इसमें जेई ने आरोप लगाए हैं, "आज वीडियो मैं बनाऊंगा इंसाफ नहीं मिला तो मर जाऊंगा, डीएम साहब के पास जाऊंगा. मुझे लेटर मिल रहे हैं कार्यालय से, मैंने ऐसा कौन सा काम कर लिया. बीएसए साहब ने जीना हराम कर रखा है. कहीं सुनवाई नहीं है मेरी. इसलिए सुनवाई नहीं है क्योंकि मैं एससी का हूं. मैं डीएम साहब के पास जाऊंगा. मैं वीडियो वायरल करूंगा, कहीं सुनवाई नहीं है साहब. मैं एससी होने के नाते प्रताड़ित हूं.बार-बार लैटर मिलता है. कोई पक्ष नहीं लेता है. लेटर मिलते हैं और तीन महीने से वेतन रोक रखा है. 

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