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लखनऊ: वकीलों के समर्थन में उतरे अखिलेश, पुलिस के लाठीचार्ज पर भड़के, कह दी ये बात

लखनऊ के वजीरगंज इलाके में रविवार को नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेश पर वकीलों के अवैध चैंबरों को ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई का विरोध कर रहे वकीलों को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसकी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी निंदा की है.

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अखिलेश यादव ने वकीलों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की (Photo- Screengrab)
अखिलेश यादव ने वकीलों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की (Photo- Screengrab)

लखनऊ नगर निगम की टीम ने रविवार को वजीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत अदालत परिसर और उसके आसपास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन ने वहां बने वकीलों के 'अवैध चैंबरों' को ध्वस्त कर दिया. इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था. कार्रवाई का विरोध कर रहे वकीलों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने का काम पूरा हुआ.

अखिलेश यादव ने की लाठीचार्ज की निंदा

इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे 'अन्याय' करार दिया. उन्होंने कहा कि वकीलों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उनके चैंबरों को तोड़ना और उन पर लाठीचार्ज करना बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है. 

सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वकील खुद अन्याय के शिकार होंगे, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा. अखिलेश यादव ने लाठीचार्ज में घायल हुए वकीलों के लिए मुफ्त इलाज और काम के नुकसान के मुआवजे की मांग की है.

बीजेपी पर साधा निशाना

सपा प्रमुख ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों को भगाने वाले वकील इस मानसिकता से नहीं डरेंगे. उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश भर के वकील भाजपा नेताओं के घरों, दुकानों और कार्यालयों के नक्शों और रिकॉर्ड की कानूनी स्थिति का पता लगाएंगे और अवैध निर्माणों को गिराने के लिए याचिकाएं दायर करेंगे. फिलहाल पुलिस के अनुसार स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर मौके पर अतिरिक्त बल तैनात रखा गया है.

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