उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना नदी में गंदगी फैला रहीं भैंसों को पकड़ने के लिए नगर निगम अभियान चला रहा है. निगम कर्मचारी गली-गली घूमकर छुट्टा भैंसों को पकड़ रहे हैं. निगम की टीम ने अभियान के तहत कुछ भैंसों को पकड़ा तो उन्हें छुड़वाने के लिए एक विधायक ने सिफारिश की. विधायक ने पकड़ी गई भैसों को छुड़ाने के लिए निगम अधिकारियों को फोन किया और जुर्माना कम करने की बात कही.
विधायक ने नगर आयुक्त को फोन कर पशुपालकों को अंतिम मौका देने की बात कही. इसके बाद जुर्माने की रकम 20000 से घटाकर ₹5000 कर दी गई. पांच हजार रुपये का जुर्माना भरने के बाद पशुपालक अपनी 7 भैंसों को ले गए. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यमुना में भैंसों को नहलाना, कपड़े धोना, कचरा डालना प्रतिबंधित कर दिया गया है.
तीन दिन तक कोई भी भैंसें छुड़ाने नहीं आया
7 जून को सुप्रीम कोर्ट अनुश्रवण समिति की बैठक में मंडल आयुक्त अमित गुप्ता ने यमुना नदी को गंदा करने वालों से जुर्माना वसूलने के आदेश दिए थे. आदेश के बाद नगर निगम ने अभियान चलाया और नदी के आसपास से 35 भैंसें पकड़ी गईं. प्रति भैंस ₹20000 का जुर्माना वसूला जाना था. तीन दिन तक कोई भी भैंसों को छुड़ाने नहीं आया. चौथे दिन विधायक ने नगर आयुक्त को फोन किया और पशुपालकों को अंतिम मौका देने की सिफारिश की.
28 भैंसें अभी भी कांजी हाउस में बंद
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि 35 भैंसों में से 7 छोड़ी गई हैं. 5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है. 28 भैंसें अभी भी नगर निगम के कांजी हाउस में बंद हैं. विधायक के कहने पर पशुपालकों को अंतिम मौका दिया गया है. आगे से भैंसें नदी में गंदगी करती मिलीं तो 20 हजार रुपये का जुर्माना पशुपालकों से वसूला जाएगा.