उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी के अंदर हलाल प्रमाण पत्र के साथ बिकने वाली खाद्य सामग्री और स्टोर करने पर पाबंदी लगा दी है. इसको लेकर अब प्रशासन एक्शन में आ गया है. सोमवार को कानपुर में फूड विभाग की पांच टीमों ने एक साथ शहर के कई रेस्टोरेंट और फूड कॉर्नर पर छापेमारी की. इस दौरान उन्होंने खाद्य प्रोडक्टों की चेकिंग की.
जानकारी के मुताबिक, फूड विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई शहर के सबसे बड़े मॉल जेड स्क्वायर में थर्ड फ्लोर पर बने कई देश के नामी ब्रांड के रेस्टोरेंट में चेकिंग की. इस दौरान फूड विभाग के इंस्पेक्टर प्रदीप पटेल के साथ आई टीम ने कई नामी ब्रांडों के फूड स्टोर रूम को चेक किया. उनके सप्लाई करने वाले फूड प्रोडक्टों को देखा.
लखनऊ के सहारा मॉल में छापा
साथ ही लखनऊ में FSDA (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग) की टीम ने सहारा मॉल में छापा मारा. इस दौरान स्मार्ट बाजार में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट की जांच की. साथ ही खाद्य सामग्री, कोल्ड ड्रिंक्स, मीट, ड्राई फ्रूट सहित नॉन फूड आइटम चेक किए गए. वहीं, हजरतगंज थाने में आठ कंपनियों पर एफआईआर दर्ज कराया गया है. मानें तो हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट पर योगी सरकार की सख्ती शुरू हो गई है.
मामले में फूड अधिकारी ने कही ये बात
फूड अधिकारी प्रदीप पटेल ने बताया कि जेड स्क्वायर मॉल में चार रेस्टोरेंटों को चेक किया है. फिलहाल, इनमें अभी कुछ गलत नहीं मिला है. लेकिन ऐसी सूचना मिल रही थी कि कुछ खाद्य प्रोडक्टों में फर्जी ढंग से हलाल प्रमाण पत्र लगाकर उनको बचा जा रहा है. इसमें हम नमकीन, कोल्ड ड्रिंक के साथ-साथ मीट से जुड़े हुए प्रोडक्ट को चेक कर रहे हैं. कानपुर में पांच टीम जांच में लगी है. इसमें जो भी गलत पाया जाएगा उसपर कार्रवाई की जाएगी.
क्या है मामला?
बता दें कि अवैध ढंग से 'हलाल सर्टिफिकेट' देने के काले कारोबार को उत्तर प्रदेश में बैन कर दिया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद शनिवार को प्रतिबंध के बारे में आदेश भी जारी कर दिया गया था. आदेश के मुताबिक, हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य उत्पादों के निर्माण, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबन्ध लगाया जाता है. हलाल प्रमाणीकरणयुक्त औषधि, चिकित्सा युक्ति व प्रसाधन सामग्रियों का विनिर्माण, भंडारण वितरण एवं क्रय-विक्रय उत्तर प्रदेश राज्य में करते हुए पाये जाने पर संबंधित व्यक्ति/फर्म के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी. हालांकि, निर्यात हेतु विनिर्मित उत्पाद प्रतिबंध की सीमा में नहीं आएंगे.