
अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी. इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं. इसकी झलक कानपुर में भी देखने को मिल रही है. यहां पांच सौ फीट का पत्र तैयार किया जा रहा है. इस पत्र पर प्रभु राम के लगभग पांच लाख नाम लिखने का अभियान शुरू किया गया है. इसकी शुरुआत श्री बालाजी वेद विद्यालय के वेदपाठी बालकों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई.
दरअसल, दधीचि देहदान संस्थान द्वारा राम मंदिर निर्माण और कारसेवकों को स्मरण कर श्रद्धांजलि देने की अनोखी पहल की गई है. 500 सालों के संघर्ष में बलिदान हुए कारसेवकों को पूर्ण स्मरण करते हुए उनके सम्मान में संस्थान द्वारा 500 फीट का पत्र तैयार किया गया है. इस पत्र में 5 लाख राम नाम लिखे जाएंगे. जिसे 31 जनवरी को अयोध्या पहुंचाया जाएगा.
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई पत्र लेखन की शुरुआत
राम नाम पत्र लेखन की शुरुआत श्री बालाजी वेद विद्यालय के वेदपाठी बालकों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई. इस दौरान 'श्री राम जय राम जय जय राम' की राम धुन के साथ समाजसेवी, छात्राएं और वरिष्ठ अतिथियों ने बलिदानों को स्मरण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर अपना योगदान दिया.

चंपत राय को सौंपा जाएगा पत्र
इस 500 फीट के पत्र ट्रस्ट के संयोजक चंपत राय को सौंपा जाएगा, जिसे राम मंदिर प्रांगण में ही रखा जाएगा. इस अभियान में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की पौत्री नंदिता सिंह भी शामिल हुईं.
प्राण प्रतिष्ठा के लिए महज 84 सेकंड का मुहूर्त
बता दें कि 22 जनवरी को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का अति सूक्ष्म मुहूर्त होगा, जिसमें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने ये मुहूर्त चुना है. ये शुभ मुहूर्त का यह क्षण 84 सेकंड का मात्र होगा जो 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक होगा.
अयोध्या बनेगा छावनी
रामनगरी में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले अयोध्या का चप्पा-चप्पा सुरक्षा के घेरे में लाया जा रहा है. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर योगी सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका तैयार किया है. प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसके चलते सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, पीएसी और सिविल पुलिस चप्पे-चप्पे पर मौजूद रहेगी. तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. एआई बेस्ड सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी. अयोध्या में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर बैन रहेगा.