ईरान और इजरायल के बीच तनतनी चल रही है. वहीं पिछले दिनों अमेरिका ने भी अपने B-2 बॉम्बर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया है. हालांकि, दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया है, फिर भी तनाव कम होता नहीं दिख रहा. ऐसे में लोगों का मानना है कि दुनिया एक बड़े युद्ध के कागार पर जाती दिख रही है.
पश्चिमी देशों में तीसरे विश्व युद्ध को लेकर काफी चर्चा हो रही है. कई लोगों ने तो इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है कि विध्वंसक हालात के बीच खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए. ऐसे में तीसरे विश्व युद्ध और परमाणु हमले जैसी स्थिति में सुरक्षित रह सकते वाली जगह कौन सी हो सकती है, इस ओर लोगों का ध्यान जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस से भी ज्यादा सुरक्षित एक घर ब्रिटेन में है. दावा है कि यह परमाणु हमले में भी सुरक्षित है.
इस घर का नाम है डॉक्टर हू की हवेली
इस घर का नाम है 'डॉक्टर हू' की हवेली. ब्रिटेन की एकमात्र ऐसी जगह है जो तीसरे विश्व युद्ध के छिड़ने पर भी सुरक्षित रहेगी. तीसरे विश्व युद्ध की संभावना के बारे में सभी के चिंतित होने के साथ , परमाणु प्रलय की स्थिति में एक घर को ब्रिटेन में सबसे सुरक्षित स्थान बताया गया है.
ये घर है बीबीसी की प्रॉपर्टी
2016 में बीबीसी द्वारा उजागर किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि ब्रिटिश ग्रामीण इलाकों के बीच में स्थित एक हवेली, जिसका इस्तेमाल कभी डॉक्टर हू फिल्माने के लिए किया गया था, उसका इस्तेमाल किसी भी तरह के गंभीर हमले की स्थिति में बचने के लिए किया जाएगा.
नॉर्टन जंगल के बीच बनी है ये हवेली
वॉर्सेस्टरशायर के जंगल के मध्य स्थित वुड नॉर्टन हॉल को द्वितीय विश्व युद्ध से पहले बीबीसी ने खरीद लिया था. बीबीसी ने इस संपत्ति का अधिग्रहण ब्रिटेन पर हमलों के परिणामस्वरूप लंदन और अन्य संवेदनशील शहरों से सुरक्षित दूरी पर एक बैकअप प्रसारण केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए किया था.
इसे परमाणु हमला झेलने लायक सख्त बनाया गया है
960 के दशक में, इस एस्टेट को परमाणु हमले को झेलने लायक एक सख्त सेक्शन में तब्दील कर दिया गया. इसे प्रोटेक्टेड एरिया वुड नॉर्टन (वुड नॉर्टन संरक्षित क्षेत्र ) नाम दिया गया. इस प्रकार यह भवन 11 संरक्षित सुविधाओं में से एक बन गया, जिसका निर्माण परमाणु युद्ध की स्थिति में युद्धकालीन प्रसारण सेवा को जारी रखने के लिए किया गया था.
यानी नॉर्टन जंगल के बीच बना यह किलेनुमा हवेली तीसरे विश्वयुद्ध जैसी स्थिति में परमाणु हमला भी झेल सकता है और यहां से बीबीसी आराम से अपने न्यूज का प्रसारण निर्बाध रूप से कर सकेगा.