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तोते के लिए अनशन, खोजने वालों को मिलेगा 21 हजार का इनाम

बबीता देवी का तोता अनाज नहीं खाता था, उसके लिए फल और दूध का इंतजाम रहता था. वो पिजड़े में नही रहता था घर में ही उडता फिरता रहता था. खुले रहने के बावजूद वह कभी कहीं जाता नहीं था और जाता भी था तो शाम तक लौट आता था.

खोया तोता खोया तोता

वो बीमार है खाना-पीना सब छुट गया है बिस्तर पर पड़ी रहती है. डॉक्टरों ने कितना इलाज किया लेकिन बीमारी ठीक नही हुई. क्योंकि उसकी बीमारी की वजह एक तोता है जिसमें उसकी जान बसती है. वो तोता कहीं गुम हो गया है. मिल नहीं रहा है. उसके लिए सोशल मीडिया पर अभियान चल रहा है. तोते को ढुंढने वाले को 21 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है.

ये कहानी है नवादा जिले के बबीता देवी की जिनका तोता 3 जनवरी से गायब हो गया है. बबीता को तोते से इतना लगाव था कि उसके बाद से उन्हें न भूख लग रही है न ही प्यास. दरअसल, पिछले आठ सालों से वह तोता उसके जीवन का हिस्सा बन चुका था. उनको सुबह-सुबह उठाने का काम भी तोता ही करता था. यूं तो तोते से घर के हर सदस्य को लगाव था लेकिन बबीता उसका ख्याल कुछ ज्यादा ही रखती थीं. इसलिए उसके जाने का गम भी सबसे ज्यादा उसे ही है. बबीता ने तोते को खोजने के लिए न सिर्फ सोशल मीडिया का सहारा लिया बल्कि पम्पलेट भी बंटवाए और परिचितों को फोन किया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा है.

खास था तोता
बबीता देवी का तोता अनाज नहीं खाता था, उसके लिए फल और दूध का इंतजाम रहता था. वो पिजड़े में नही रहता था घर में ही उडता फिरता रहता था. खुले रहने के बावजूद वह कभी कहीं जाता नहीं था और जाता भी था तो शाम तक लौट आता था.

साइन कर रखा है 21 हजार का चेक
बबीता का कहना है कि वो उसके बच्चे जैसा था उसके जाने से कुछ भी अच्छा नहीं लगता है. तभी तो उसको खोजने के लिए 21 हजार का चेक साइन कर रखा हुआ केवल उस पर खोज के लाने वाले का नाम लिखना है. बबीता नवादा के बारसलिगंज के थाना चौक की निवासी है उसके तीन बेटे हैं और पति का नाम रामानुज सिंह है.

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