पुणे का रियल एस्टेट बाजार एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में एक घर खरीदार के अनुभव ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहर में प्रॉपर्टी की कीमतें वाकई ज़रूरत से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ रही हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पोस्ट में दावा किया गया है कि पुणे के वाकड जैसे पॉश इलाके में 3BHK फ्लैट की कीमत सिर्फ एक महीने के भीतर ₹1.80 करोड़ से बढ़कर ₹2 करोड़ तक पहुंच गई. इस तेज़ बढ़ोतरी ने न सिर्फ संभावित खरीदारों को चौंकाया है, बल्कि रियल एस्टेट बाजार में मांग, कीमतों की पारदर्शिता जैसी आशंकाओं पर भी नई बहस शुरू कर दी है.
काफी तेजी से बढ़ती जा रही फ्लैट की कीमतें
इस मामले को लेकर एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव शेयर किया. उसने लिखा कि वह एक महीने पहले पुणे में एक नए प्रोजेक्ट के लॉन्च के समय 3BHK फ्लैट देखने गया था. उस समय रियल एस्टेट एजेंट ने फ्लैट की कीमत ₹1.80 करोड़ बताई थी. करीब 15 दिन बाद जब वह दोबारा उसी प्रोजेक्ट में गया, तो उसे बताया गया कि कीमत बढ़कर ₹1.95 करोड़ हो चुकी है. यूजर ने आगे बताया कि जब वह फिर से जानकारी लेने गया, तो फ्लैट की कीमत ₹2 करोड़ बताई गई और एजेंट ने यह भी कहा कि अगले महीने कीमत ₹2.15 करोड़ तक जा सकती है. इस पर हैरानी जताते हुए यूजर ने लिखा कि या तो भारत का रियल एस्टेट बाजार तेजी से बढ़ रहा है, या फिर मांग इतनी ज्यादा है कि कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं.
सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल
इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने अपनी-अपनी राय रखी. एक यूजर ने पूछा कि यह फ्लैट पुणे के किस इलाके में है. जवाब में बताया गया कि यह वाकड इलाके का प्रोजेक्ट है, जिसे पुणे का एक पॉश और तेजी से विकसित होने वाला इलाका माना जाता है. एक यूजर ने लिखा कि उसका भाई रियल एस्टेट के कारोबार में है और उसके मुताबिक आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि पुणे जैसे शहरों में घरों की मांग तो बहुत ज्यादा है, लेकिन इतनी तेजी से कीमत बढ़ना समझ से बाहर है. मूल पोस्ट करने वाले यूजर ने भी साफ किया कि उसे कीमत बढ़ने से समस्या नहीं है, लेकिन वह यह जानना चाहता है कि इतनी तेजी से बढ़ोतरी के पीछे कोई ठोस वजह क्या है.
लोग जमकर कर रहे कमेंट
इस चर्चा में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े एक व्यक्ति ने अहम बात कही. उसने बताया कि कानूनी रूप से साफ, पूरी तरह रजिस्टर्ड फ्लैटों की मांग बहुत ज्यादा है. लोग सुरक्षित निवेश के लिए अपनी पूरी बचत और EMI के सहारे घर खरीद रहे हैं. हालांकि, उसने चेतावनी भी दी कि अगर किसी फ्लैट की कीमत एक महीने में ₹1.80 करोड़ से बढ़कर ₹2.15 करोड़ हो रही है, तो ऐसे सौदे से सावधान रहना चाहिए. उसके मुताबिक कई बार बिल्डर लोगों में 'FOMO' यानी मौका छूट जाने का डर पैदा करके ज्यादा कीमत बताते हैं, जबकि वही फ्लैट अंदर ही अंदर कम दाम में बेच दिया जाता है.