समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. इनदिनों प्रतीक यादव का एक इंस्टाग्राम पोस्ट काफी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपर्णा यादव को लेकर नाराजगी जताई है. इसके बाद से अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों जल्द ही तलाक ले सकते हैं. तलाक पर प्रतीक के इंस्टाग्राम पोस्ट से हलचल मच गई है. हालांकि परिवार से किसी ने अब तक कोई बयान नहीं दिया है.
अपर्णा यादव परिवार की धारा के विपरीत जाने और अपने विद्रोही तेवर के लिए जानी जाती हैं. प्रतीक ने भी अपने पोस्ट में उन पर जो आरोप लगाए हैं, उसमें उन्होंने अपर्णा को घर तोड़ने वाली बताया है. ऐसे में अपर्णा और प्रतीक का रिश्ता समझना जरूरी है. क्योंकि उन्होंने अपनी मर्जी से लव मैरिज की थी. इससे पहले दोनों कई सालों तक प्रेम-संबंध में रहे थे. फिर इनकी शादी हुई थी.
8 साल तक दोस्त रहने की बात कही थी
अपर्णा और प्रतीक शादी से पहले 8 साल तक रिलेशनशिप में थे. इतने साल एक रिश्ते में रहने के बाद उन्होंने शादी का फैसला लिया. एक इंटरव्यू में प्रतीक ने इस बात का खुलासा भी किया था. तब उन्होंने कहा था कि हम 8 साल से दोस्त हैं. हाईस्कूल स्वीटहार्ट्स भी कह सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक और अपर्णा 2001 में एक-दूसरे के संपर्क में आए थे. दोनों अपने किसी म्युच्युअल फ्रेंड के जरिए पहली बार मिले थे.
दोनों के बीच करीब 10 साल तक दोस्ती रही. इसके बाद इन्होंने शादी की. जब ये पहली बार मिले थे, तब दोनों शायद हाईस्कूल में थे. शादी से पहले करीब 10 साल और शादी के बाद 15 साल, यानी दोनों लगभग 25 साल से साथ हैं. अब अगर इनके बीच तलाक की नौबत आ गई है.
प्रतीक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के बेटे हैं. वहीं अपर्णा मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं. अपर्णा के पिता अरविंद सिंह एक पत्रकार हैं और पूरा परिवार लखनऊ में रहता है. अपर्णा और प्रतीक लव स्टोरी उनके कॉलेज टाइम से शुरू हुई थी. अपर्णा ने मैनचेस्टर से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स से मास्टर किया है.
शादी के बाद ससुराल से तल्ख होने लगे रिश्ते
शादी के कुछ साल बाद ही 2014 में अपर्णा ने एक कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी. इसके बाद से ही अखिलेश यादव के साथ रिश्ते तल्ख होने लगे थे.अपर्णा और प्रतीक यादव की शादी 4 दिसंबर 2011 को हुई थी. मुलायम परिवार की बहू बनने के बाद अपर्णा ने 2017 में अपना सियासी करियर शुरू किया. उन्होंने सपा की टिकट पर लखनऊ से चुनाव लड़ा लेकिन, हार गईं. इसके बाद अपर्णा की राजनीति और परिवार से रिश्ते में कई उतार चढ़ाव आए. 2022 में वो बीजेपी में शामिल हो गईं. इसके बाद से उनका रिश्ता ससुराल से ठीक नहीं रहा है.