हजारों साल पहले भी लोग प्रेम-पत्र लिखकर अपने प्यार का इजहार करते थे. तब आज की तरह मोबाइल, टेलीफोन और डाक नहीं थे. आज हम मैसेज लिखते हैं और एक क्लिक में अपनी बात अपने चाहने वालों तक पहुंचा देते हैं. तब अपनी दिल की बात अगले तक पहुंचाना काफी मुश्किल था. तब लोग ऐसी दीवार, चट्टान या पेड़ को चुनते थे, जहां दोनों का आना जाना होता था. फिर उन दीवारों या पत्थरों पर अपनी भावनाओं को शब्दों का रूप देकर, इस उम्मीद में चले जाते थे कि जिसके लिए वो संदेश छोड़ा है वो आकर उसे पढ़ेगी या पढ़ लेगा.
रोमन काल का एक ऐतिहासिक शहर जो हजारों साल पहले एक ज्वालामुखी विस्फोट से तबाह हो चुका था. वहां की एक दीवार पर ऐसे ही प्रेम संदेश यानी लव लेटर्स मिले हैं. हाल ही में पुरातत्वविदों ने पोम्पेई की एक दीवार पर उकेरे गए भित्तिचित्रों (ग्रैफिटी) के अर्थों को समझने में सफलता हासिल की है. विशेषज्ञों को पता चला कि ये ग्रैफिटी 2,000 साल पुराने प्रेम पत्र हैं. किसी महिला ने अपने प्रेमी के नाम संदेश लिखे थे. 2,000 साल पुराने प्रेम पत्रों की पहचान उन्नत तकनीक के कारण ही संभव हो पाई है.
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पोम्पेई के पुरातत्व पार्क ने इस सप्ताह घोषणा की कि वहां की एक दीवार पर हाल ही में 2,000 साल पुराना प्रेम पत्र और एक ग्लेडिएटर लड़ाई का दृश्य भित्तिचित्र के रूप में मिला है.
ग्रैफिटी के रूप में लिखे मिले लव लेटर्स
उस समय की भित्तिचित्र शैली (ग्रैफिटी) वाले इन शिलालेखों में दैनिक जीवन, खेल आयोजनों, प्रेम भावनाओं और अपमानों से जुड़ी कहानियां शामिल थीं. इन्हें पोम्पेई के रंगमंच क्षेत्र तक जाने वाली मुख्य सड़क से जोड़ने वाले गलियारे की दीवार पर उकेरा गया था. इस दीवार की खुदाई 230 वर्ष से भी अधिक समय पहले की गई थी, लेकिन इस पर उकेरे गए लगभग 300 शिलालेख तब तक छिपे रहे जब तक कि नई तकनीकों ने शोधकर्ताओं को उनकी पहचान करने में सक्षम नहीं बना दिया.इन लेखों को उजागर करने के प्रयास 'कॉरिडोर रूमर्स' नामक एक परियोजना का हिस्सा थे.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पोम्पेई ऑर्कियोलॉजिकल पार्क ने 20 जनवरी को एक बयान में कहा कि ये संदेश 2022 और 2025 में चलाए गए शोध अभियानों के दौरान पहचाने गए थे और इनके निष्कर्ष अब जाकर सामने आए हैं.ये भित्ति-शिलालेख पार्क में स्थित थिएटर डिस्ट्रिक्ट जाने वाले रास्ते को जोड़ने वाले एक गलियारे की दीवार पर पाए गए थे.
एक शिलालेख में एराटो नामक की एक महिला का वर्णन है. इसके बाद "प्रेम" शब्द लिखा है - हालांकि इसका विषय अभी भी स्पष्ट नहीं है. यहां एक और संदेश लिखा मिला है. इसमें लिखा है - मुझे जल्दी है, अपना ख्याल रखना, मेरी सावा. यह ध्यान रखना कि तुम मुझसे प्यार करती हो. इसके अलावा एक तीसरा पत्र भी लिखा मिला - कोमिनिया की दासी मेथे, एटेला की रहने वाली, अपने दिल में क्रेस्टो से प्यार करती है. पोम्पेई की वीनस हम दोनों पर कृपा बनाए रखे और हम सदा सद्भाव से रहें.
230 साल पहले मिली थी ये दीवार
पुरातत्व पार्क ने बताया कि दीवार की खुदाई 230 साल पहले की गई थी. विशेषज्ञों को पर्यटन से भरे इस क्षेत्र से कोई नई जानकारी या और कहानियां मिलने की उम्मीद नहीं थी. हर साल लाखों पर्यटक इस दीवार के पास से गुजरते हैं. फिर शोधकर्ताओं ने प्रत्येक शिलालेख के स्टेटस और उनके बीच संबंधों की पहचान करने के लिए दीवार की डिजिटल मैपिंग की.
रिफ्लेक्टेंस ट्रांसफॉर्मेशन इमेजिंग नामक विशेष प्रकाश फोटोग्राफी का इस्तेमाल करते हुए, शोधकर्ताओं ने कई कोणों से तस्वीरें खींचीं, ताकि धुंधले या घिसे हुए निशानों को रिफ्लेक्ट किया जा सके. पोम्पेई पुरातात्विक पार्क के निदेशक गैब्रियल जुचट्रिगेल ने इन नई खोजों के बारे में कहा कि हम एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं जिसका उद्देश्य पोम्पेई में फैले 10,000 से अधिक भित्तिचित्रों की रक्षा करना. यह एक विशाल विरासत है.