पहाड़ों में घूमने जाएं और गरमागरम मैगी न मिले, ऐसा हो ही नहीं सकता. ठंडे मौसम में सड़क किनारे खाई गई मैगी का मजा ही कुछ और होता है. यही वजह है कि मैगी पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की पहली पसंद बन चुकी है. लेकिन क्या पहाड़ों में मैगी बेचना वाकई एक फायदे का काम है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए कंटेंट क्रिएटर बादल ठाकुर ने खुद इसका टेस्ट किया.
पहाड़ों में लगाया मैगी का स्टॉल
बादल ठाकुर ने पहाड़ों में एक जगह पर अस्थायी मैगी स्टॉल लगाया. उनके वीडियो में साफ दिख रहा है कि वहां पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ थी और लोग लगातार मैगी खरीद रहे थे. उनके स्टॉल पर सिर्फ एक एलपीजी सिलेंडर, एक मेज इतना ही साधारण इंतजाम था.
कितनी थी मैगी की कीमत?
प्लेन मैगी: 70 रुपये प्रति प्लेट
चीज मैगी: 100 रुपये प्रति प्लेट
जबकि बाजार में मैगी का एक पैकेट करीब 15 रुपये में मिल जाता है.
कितनी हुई कमाई?
4 से 5 घंटे में करीब 200 प्लेट मैगी बिक गई. पूरे दिन में 300 से 350 प्लेट मैगी बिकी. अगर 70 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से देखें तो एक दिन की कमाई करीब 21,000 रुपये होती है. हालांकि, इसमें गैस, मैगी के पैकेट और डिस्पोजेबल प्लेट जैसे खर्च शामिल नहीं हैं, इसलिए असली मुनाफा इससे थोड़ा कम होगा.
सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल
फिर भी, इतनी कमाई देखकर लोग हैरान रह गए. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मजाक में लिखा- अब नौकरी छोड़ दूं क्या? मैं भी मैगी बेचने पहाड़ों चला जाऊं”. कुछ लोगों का कहना है कि अगर कोई रोज मैगी बेचे, तो महीने में 6 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है. बादल ठाकुर का यह वीडियो अब तक 35 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और लगातार वायरल हो रहा है.
sufiyan______23 ने लिखा-भाई पहाड़ पर पेंगुइन मिला? epic_editz18 नाम के यूजर ने लिखा- नहीं, ऐसा नहीं है, देखिए, 300 पैकेट की कुल कमाई 21000 रुपये है. अगर 300 पैकेट * 20 रुपये = 6000 रुपये, तो पेट्रोल का खर्च 500 रुपये, कच्ची मैगी का परिवहन 5000 रुपये, कुल मिलाकर 9500 रुपये. फिर आपको एक हेल्पर को रखना होगा जो प्रतिदिन 1000 रुपये लेगा. इस तरह कुल मुनाफा 8000 रुपये होगा. फिर भी कुछ डिग्री से बेहतर है, लेकिन संघर्ष तो असली है। -10 डिग्री सेल्सियस में रोजाना काम करना बहुत मुश्किल है.