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बिकिनी मॉडल ने बताई अपने काम की डार्क रियलिटी, सुंदर फोटो के पीछे होती है ये कहानी

एक जीरो फिगर हासिल करने वाली महिला को दुनिया के सामने खूबसूरती का आदर्श बना कर पेश किया जाता है, लेकिन इस आदर्श तक पहुंचने के लिए उसकी निजी जिंदगी में जो संघर्ष और दर्द छिपा होता है, वह कभी सामने नहीं आता.हाल ही में, डेली स्टार ने एक बिकिनी मॉडल का इंटरव्यू पब्लिश किया, जिसने खुलकर अपनी दर्दभरी कहानी बताई.

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बिकिनी मॉडल ने बताई अपने काम की डार्क रियलिटी)
बिकिनी मॉडल ने बताई अपने काम की डार्क रियलिटी)

एक जीरो फिगर हासिल करने वाली महिला को दुनिया के सामने खूबसूरती का आदर्श बना कर पेश किया जाता है, लेकिन इस आदर्श तक पहुंचने के लिए उसकी निजी जिंदगी में जो संघर्ष और दर्द छिपा होता है, वह कभी सामने नहीं आता.

हाल ही में, डेली स्टार ने एक बिकिनी मॉडल का इंटरव्यू पब्लिश किया, जिसने खुलकर अपनी दर्दभरी कहानी बताई. उसने बताया कि इस पेशे में जीरो फिगर बनाए रखने का दबाव कैसे उसकी मानसिक स्थिति को खराब कर रहा है और उसकी छोटी-छोटी खुशियों को छीन रहा है. 


ये कहानी है 31 साल की चेस्सी किंग की, जो अब एक इन्फ्लुएंसर हैं. इंस्टा पर उनके 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. बॉडी पॉजिटिविटी टॉपिक से जुड़ी बातें करती रहती हैं. लेकिन एक वक्त में वो ब्रिटेन की बिकिनी मॉडल थीं लेकिन अब बिकिनी कॉन्टेस्ट से जुड़े डार्क साइड को दुनिया के सामने लाया.

'मैंने अपने जिस्म के साथ जुल्म किया'

चेस्सी डेली स्टार से बात करते हुए बताती हैं कि जब वो 20 साल की थीं तो पहली बार बिकिनी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया. 20 साल की उम्र में कोई भी इंसान इतनी दुनिया नहीं देख पाया होता है. मुझे भी बस बिकिनी मॉडल की ग्लेमरस लाइफ ही दिख रही थी, जो मैं टीवी और टैबलॉयड्स पर पढ़ती रहती थी और एक ख्वाब पाला हुआ था. लेकिन जब मैं यहां आ गई, तो एक ऐसे भंवर में फंस गई, जहां मेरे दिल-दिमाग और जिस्म के साथ वो सब किया गया, जिससे कभी-कभी मुझे ये याद भी नहीं रहता था कि मैं एक इंसान हूं.

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कड़ी ट्रेनिंग और सख्त डाइट का दबाव 

चेस्सी बताती हैं कि कॉन्टेस्ट में शामिल होने के लिए उन्हें बहुत कड़ी ट्रेनिंग और सख्त डाइट अपनाने पर मजबूर किया गया, जिससे कई महिलाएं थक कर चूर हो जाती थीं. चेस्सी बताती हैं, 'मेरे साथ इस हद तक ज्यादती होती थी कि ट्रेनर मुझे खुद को प्यासा रहने का दबाव डालता था.' वे आगे बताती हैं कि ट्रेनर और बिकिनी कॉन्टेस्ट के अधिकारी उन्हें कहते थे कि उनके शरीर में पानी का वजन है, और इसलिए उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे जितना पानी लें, शरीर उसी में चलेगा. यानी दिन में आधे गिलास पानी से भी कम.

कैलोरी काउंटिंग का जुनून और मिनी स्ट्रोक का सामना

फिर उसके बाद ट्रेनर का अगला निशाना उनके डाइट पर था. इसके मुताबिक, उन्हें बॉडी को हीरे की तरह तराशने के लिए कैलोरी काउंटिंग पर हमेशा ध्यान रखना था. उस दौरान चेस्सी ने अपनी जिंदगी में जिम और कैलोरी काउंटिंग को एक जुनून बना लिया था.

चेस्सी बताती हैं, 'बिकिनी कॉन्टेस्ट के 18 हफ्तों में मैंने ऐसी ट्रेनिंग और डाइट अपनाई जैसी मैंने पहले कभी नहीं की थी. यह मेरा सबसे बड़ा एक्सट्रीम था. इस दौरान मैंने मिनी स्ट्रोक झेला. खुद को एक इंसान समझना बंद कर दिया और ग्लेमरस इंडस्ट्री के ऐसे जाल में फंस गई, जहां से बाहर निकलना अंदर जाने से भी ज्यादा मुश्किल था.

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लेकिन चेस्सी ने अपनी सीमा को पहचाना और खुद को सजा देने की बजाय आत्म-सम्मान अपनाया. उन्होंने यह प्रोफेशन छोड़ दिया. चेस्सी कहती हैं, 'खुद को परफेक्ट करने की यह यात्रा आज भी जारी है, लेकिन मायने बदल गए हैं. इसके दायरे में सिर्फ शरीर नहीं, बल्कि खुद के स्वास्थ्य और जिंदगी की प्राइरिटी सबसे ज्यादा है.

'आज भी बिकिनी में इंस्टा पर फोटो डालती हूं'

चेस्सी अब शरीर को अपनाने और प्यार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. चेस्सी ने कहा, 'मां बनने से मुझे अपने शरीर से एक नया प्यार मिला है. अब मुझे एहसास है कि मेरा शरीर क्या कर सकता है. अब मैं एक्सरसाइज को सजा के रूप में नहीं देखती. चेस्सी कहती हैं, 'मैं आज भी बिकिनी में इंस्टा फोटो डालती हूं, लेकिन इन तस्वीरों में अपने 'परफेक्ट' फिगर दिखाने की परवाह नहीं है. क्योंकि मैं हेल्थी हूं, और खुश हूं, और यही एक अच्छी जिंदगी की बुनियाद है.

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