हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जन्म 15 सितंबर 1947 को हुआ था. हुड्डा 1991 से लेकर 2004 तक चार बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं. 2001 से 2004 तक वो हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे और 1996 से 2001 तक हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हरियाणा में विभिन्न किसान आंदोलनों के नेतृत्व के लिए विशेष रूप से जाना जाता है. लोकसभा चुनावों में तीन बरा लगातार भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चौधरी देवी लाल जैसे दिग्गज जाट नेता को हराया. हरियाणा की वर्तमान विधानसभा के भंग होने तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही राज्य के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने ही राज्य में पहले चुनाव कराने की अनुशंसा की.
ओम प्रकाश चौटाला
इंडियन नेशनल लोक दल के नेता ओम प्रकाश चौटाला का जन्म 1 जनवरी, 1935 में हुआ. वे हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे. 2005 के चुनाव में चौटाला की पार्टी को मात्र 9 सीट मिले और वह सत्ता से बाहर होग गई. भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल के पुत्र ओम प्रकाश चौटाला हरियाणा के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं. ओम प्रकाश चौटाला के पुत्र अजय चौटाला राज्यसभा में सांसद हैं.
महाराष्ट्र
अशोक चव्हाण
28 अक्टूबर, 1958 को जन्मे अशोक चव्हाण ने पहली बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पद 8 दिसंबर, 2008 को संभाला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरराव चव्हाण के बेटे हैं. विलासराव देशमुख के शासनकाल में अशोक चव्हाण ने सांस्कृतिक, उद्योग सहित कई मंत्रालयों को संभाला है. अशोक चव्हाण का चुनाव क्षेत्र भोकर है.
छगन भुजबल
15 अक्टूबर, 1947 को जन्में छगन भुजबल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं. कांग्रेस-रांकपा गठबंधन में वे उपमुख्यमंत्री थे. छगन भुजबल ने शिव सेना के साथ अपने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत की. 1991 में उन्होंने शिव सेना का साथ छोड़ कर कांग्रेस का दामन थामा. जब शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया तो छगन भुजबल भी उनके साथ थे. महाराष्ट्र में ओबीसी के एक मजबूत नेता के रुप में उनकी गिनती होती है. वे येवला से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.
अरुणाचल प्रदेश
दोरजी खांडु
3 मार्च, 1955 को जन्में दोरजी खांडु ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रुप में 9 अप्रैल, 2007 को शपथ ली. वे मुकटो से कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. वे मोनपा जनजाति के हैं. दोरजी के 4 बेटे और 2 बेटियां हैं.
जोरबम गामलीन
अरुणाचल प्रदेश के गृहमंत्री के रुप में काम करने वाले जोरबम गामलीन का विधानसभा क्षेत्र लीरोमोबा है और वे कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. वे लोकसभा में सांसद रह चुके हैं.