टीवी तारिका श्वेता तिवारी मानती हैं कि टेलीविजन की महिला कलाकारों को विविधता भरे किरदार करने का मौका नहीं मिलता. श्वेता ने कहा, 'मैं देखती हूं कि कहीं भी कोई महिला अलग-अलग चरित्र और रंगों वाले किरदार नहीं कर रही हैं. वे सभी मीठा, साधारण और प्यारा सा दिखने वाला किरदार कर रही हैं. अगर वे ये किरदार नहीं करतीं तो फिर नकारात्मक किरदार कर रही होती हैं.'
इन दिनों सोनी के 'परवरिश-कुछ खट्टी कुछ मीठी' धारावाहिक में स्वीटी का किरदार कर रहीं श्वेता ने इसमें किए गए अपने किरदार को विविधता से भरा बताया.
श्वेता ने कहा, 'स्वीटी कभी बहुत बुरी है तो कभी स्वार्थी लेकिन कभी उसके अपने नियम होते हैं. वह आपके साथ कुछ बुरा नहीं करेगी न ही आपको अपने साथ बुरा करने देगी. यह सच्चा किरदार है जो अभी तक टीवी चैनलों में नहीं दिखा था. इस तरह के किरदार बॉलीवुड में होते हैं लेकिन टीवी पर पसंद नहीं किए जाते. मेरे ख्याल से ये बदलाव होने चाहिए.'
इस धारावहिक में वह एक मां का भी किरदार कर रही हैं और वह मानती हैं कि आज के माता-पिता का नजरिया बच्चों के प्रति लचीला हुआ है. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है लोग आज कल ज्यादा परवाह नहीं करते. हमारे समय में हमें पढ़ने और रट्टा लगाने को कहा जाता था.
हमें डॉक्टर, इंजीनियर बनने को कहा जाता था. लेकिन आजकल ये चीजें नहीं हो रहीं. बच्चे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की तरफ जा रहे हैं. उन्हें पता है कि उनके बच्चे को कुछ करना है. वे बच्चों के प्राप्तांक से ज्यादा उनके ज्ञान को देखते हैं.
एक बेटी की मां श्वेता अभिभावकों को सलाह देती हैं कि उन्हें अपने बच्चों को जीवन में आने वाली मुश्किलों का सामना करना सिखाना चाहिए.