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वादों से नहीं, काम से मिलेंगे नतीजे: सोनिया

नीतियों के दीवालियापन के आरोप झेल रही कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन को अगले दो वर्षों के काम काज की बदौलत ही एकबार फिर बहुमत मिल सकता है, वादों से नहीं.

सोनिया गांधी सोनिया गांधी

नीतियों के दीवालियापन के आरोप झेल रही कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन को अगले दो वर्षों के काम काज की बदौलत ही एकबार फिर बहुमत मिल सकता है, वादों से नहीं.

संप्रग दो की सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर दिये गये रात्रिभोज के अवसर पर सहयोगियों को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि विपक्षी दल आक्रामक हो रहे हैं और गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं.

उन्होंने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा, ‘हमें पता है कि जनता के पास जाने में अब केवल दो साल रह गये हैं. हमें बहुत अच्छी तरह पता है कि उसका परिणाम हमारे वादों पर नहीं बल्कि हम जैसा काम करेंगे, उस पर निर्भर करेगा.’ सोनिया ने कहा कि संप्रग ने सत्ता संभाली. भारत विकास के नक्शे पर सतत गति से आगे बढ़ रहा है और उसकी बदौलत ही यह विभिन्न सामाजिक एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के लिये धन उपलब्ध करा पा रहा है.

उन्होंने कहा कि सरकार को विकास की यह गति बनाये रखनी होगी. उन्होने कहा कि यही वजह है कि केन्द्र राज्यों को ऐसी वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रहा है जो इससे पहले उन्हें कभी नहीं मिली. देश के सियासी हालात पर टिप्पणी करते हुए गांधी ने कहा, ‘पिछले एक साल में हमने काफी मुश्किलों का सामना किया है, संसद के बाहर और भीतर भी कई तूफानों को झेला है. लेकिन हमने हमेशा अपना समर्पण और सामूहिक लक्ष्य प्रदर्शित किया है.’

गांधी ने कहा, ‘हम सरकार की प्राथमिकताओं पर दृढ़ता से डटे रहे हैं. हम देशवासियों की अपेक्षाओं और उनकी ओर से हमें सौंपी गयी जिम्मेदारियों से भली-भांति परिचित हैं.’ संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी गठबंधन का पूरा ध्यान पारदर्शिता और जिम्मेदारियों पर आधारित एक राजनीतिक प्रणाली शुरू करने पर है. गांधी ने स्वीकार किया कि भारत के विकास के लिए कई चुनौतियां हैं.

हालांकि, उन्होंने किसी तरह की निराशा से साफ इनकार कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘आजकल ऐसी धारणा है कि भारत के विकास के लिए कई चुनौतियां हैं. निश्चित तौर पर यह सभी देशों के लिए मुश्किल समय है और हम भी अपवाद नहीं हैं. लेकिन इसमें निराश होने की तो बात ही पैदा नहीं होती.’ गांधी ने कहा, ‘हम देश की आर्थिक दर में सकारात्मक वृद्धि सुनिश्चित करने के मामले में एक साथ हैं.’ उन्होंने कहा कि संप्रग-दो ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं और इन्हें किसी को कमजोर करने की इजाजत नहीं देंगी.

संप्रग अध्यक्ष ने संप्रग की महत्वाकांक्षी योजनाएं गिनाते हुए कहा, ‘संप्रग-एक के दौरान हमने जो भी प्रतिबद्धताएं जतायी थीं उन्हें आगे ले जाने के लिए हमने अधिक प्रयास किए हैं.’ गांधी ने कहा, ‘मनरेगा ग्रामीण रोजगार पैदा करने के मामले में ज्यादा प्रभावी बदलाव का उपकरण बन गया है. असंगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन और वहां काम करने वाले श्रमिकों की बीमा के मामलों में इजाफा हुआ है.’

गठबंधन के भविष्य के कार्यक्रमों, जैसे- ‘आजीविका’, का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा, ‘यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करने वाले स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगा..मातृ सुरक्षा कार्यक्रमों ने अपना विशेष प्रभाव कायम किया है.’ गांधी ने कहा कि संप्रग-दो देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बचाए रखने को प्रतिबद्ध है. उन्होंने महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों की समस्याएं दूर करने का भी भरोसा दिलाया.

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