हांगकांग आधारित एक प्रख्यात कंसल्टिंग कंपनी की रिपोर्ट में भारतीय नौकरशाही को 10 में 9.21 रेटिंग देकर सर्वाधिक बदतर बताया गया है.
हांगकांग आधारित पॉलीटिकल एंड इकोनोमिक रिस्क कंसल्टेंसी लिमिटेड की जारी की गई रिपोर्ट में वियतनाम (8.54), इंडोनेशिया (8.37), फिलीपीन (7.57) और चीन (7.11) से भी नीचे भारत को स्थान दिया गया है. सिंगापुर की नौकरशाही (2.25) अंकों के साथ सबसे अच्छी है.
इसके बाद हांग कांग (3.53), थाईलैंड (5.25), ताईवान (5.57), जापान (5.77), दक्षिण कोरिया (5.87) और मलेशिया (5.89) का स्थान है. रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की अक्षम नौकरशाही देश के खिलाफ व्यापारिक कार्यकारियों की अधिकांश शिकायतों के लिए बड़े पैमाने पर जिम्मेदार है.
शिकायतों में अपर्याप्त बुनियादी ढांचा और भ्रष्टाचार शामिल है, जहां अधिकारी रिश्वत लेने के लिए तैयार रहते हैं और कंपनियां नौकरशाही की बाधाओं से पार पाने और सरकार से सहायता पाने के लिए रकम अदा करने के लिए तैयार रहती हैं.
रिपोर्ट में भारी और अस्थिर करों, पर्यावरण एवं अन्य नियमों को भी रेखांकित किया गया है जो भारत में कारोबार को परेशानी भरा और खर्चीला बना देता है. इसमें कहा गया है कि नौकरशाहों को गलत फैसलों के लिए जरूर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. कंसल्टेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अदालती व्यवस्था का सामना करना कंपनियों के लिए अनाकषर्क विकल्प है और इससे दूर रहना ही सबसे अच्छा है.
इसमें कहा गया है कि नौकरशाहों को गलत फैसलों के लिए नहीं के बराबर जवाबदेह ठहराये जाने से उन्हें असीम शक्तियां मिल जाती है जो इस बात का कारण हो सकता है कि औसत भारतीय और विदेशी निवेशकों के मन में भारत के नौकरशाहों के बारे में नकारात्मक छवि क्यों है.
हालांकि, आर्थिक विकास समूह में शामिल देशों से तुलना किए जाने पर कुछ सकारात्मक चीजों का भी पता चलता है. विश्व आर्थिक मंच की 2011-12 वैश्विक प्रतिस्पर्धा रिपोर्ट में सरकारी नियमन एवं सीमा शुल्क प्रक्रिया के मामले में भारत को चीन से नीचे जबकि रूस और ब्राजील से ऊपर का स्थान दिया गया है.
वहीं, नियमन की गुणवत्ता और प्रतिभूति के लेन देन के मामले में भारत का ब्राजील के बाद दूसरा स्थान है लेकिन वह चीन और रूस से ऊपर है. भारत एक नये व्यवसाय के लिए निर्माण कार्य की इजाजत दिए जाने के मामले में भी ब्राजील, रूस और चीन से आगे है. वह आयात निर्यात प्रक्रिया से सर्वाधिक तेजी से निपटने के मामले में दूसरे स्थान पर है.