ब्रिक्स सम्मेलन के एक दिन बाद भारत और ब्राजील ने शुक्रवार को विज्ञान एवं बायोटेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने से लेकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
साथ ही संयुक्त राष्ट्र में सुधार को लेकर भी साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया. सीरिया और ईरान पर ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) की स्थिति को दोहराते हुए दोनों देशों ने पश्चिम एशिया में संकट का समाधान बातचीत के जरिये किए जाने पर भी बल दिया.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की शुक्रवार को ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रॉसेफ के साथ विभिन्न मुद्दों पर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई, जो गुरुवार को ब्रिक्स सम्मेलन समाप्त होने के बाद शुक्रवार से भारत की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं.
वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने विज्ञान एवं बायोटेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर छह समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए.
'साइंस विदाउट बॉर्डर' नामक समझौते के तहत दोनों देशों के बीच ब्राजील के छात्रों एवं युवा शोधकर्ताओं को भारत भेजने पर सहमति बनी है. इसके लिए अनुदान ब्राजील देगा.
ब्रिक्स सम्मेलन के प्रमुख बिंदुओं पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत और ब्राजील ने वैश्विक गवर्नेस सिस्टम, खासकर संयुक्त राष्ट्र एवं जी-20 में सुधार के लिए सहमति जताई है.
पश्चिम एशिया के संकट का समाधान बातचीत के आधार पर किए जाने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि पश्चिम एशिया में संकट का समाधान केवल बातचीत और आपसी सहमति से ही किया जा सकता है.'
दोनों नेताओं ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यापार, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, रक्षा, अंतरिक्ष एवं परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की पूर्ण सम्भावनाओं के दोहन के लिए कार्ययोजना तैयार करें.