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कोचों की कमी से नहीं शुरू हो पाईं हैं 30 प्रस्तावित ट्रेनें

नए वित्त वर्ष के लिए रेल बजट पेश किए जाने का समय भले ही नजदीक आ गया हो लेकिन पिछले साल बजट में घोषित 30 नयी ट्रेनों का परिचालन 300 कोचों की कमी के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है.

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नए वित्त वर्ष के लिए रेल बजट पेश किए जाने का समय भले ही नजदीक आ गया हो लेकिन पिछले साल बजट में घोषित 30 नयी ट्रेनों का परिचालन 300 कोचों की कमी के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है.

पिछले साल बजट में पैसेंजर और एक्सप्रेस सहित 99 नयी ट्रेनों की घोषणा की गयी थी. लेकिन मंत्रालय द्वारा तैयार आंकड़ों के अनुसार अब तक 31 घोषित नयी ट्रेनें शुरू नहीं हो पायी हैं.

इन ट्रेनों में सात दुरंतो ट्रेन, दो डबल डेकर एसी ट्रेन, एक शताब्दी ट्रेन शामिल हैं. दिल्ली और जयपुर के बीच चलने वाली डबल डेकर एसी ट्रेन भी नहीं शुरू हो पायी है. जयपुर आगरा शताब्दी भी अब तक शुरू नहीं हो पायी है. यह दिल्ली-आगरा-जयपुर के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘रेल बजट में घोषित सभी ट्रेनें मौजूदा वित्त वर्ष में शुरू की जाएंगी. नया वित्त वर्ष अप्रैल में शुरू होगा और उसके पहले हम शेष प्रस्तावित सभी ट्रेनें शुरू कर देंगे.’

रेल डिब्बों (कोचों) की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि नए कोचों की खरीद सतत प्रक्रिया है और रेलवे को उम्मीद है कि मौजूदा वित्त वर्ष में मांग पूरी हो जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘हम हर साल अपनी कोच फैक्ट्रियों से करीब 500 नए कोच खरीदते हैं और 20 प्रतिशत मौजूदा कोच हर साल हटाए जाते हैं. फिर भी हमें उम्मीद है कि हम लक्ष्य पूरा कर लेंगे.’

इस बीच दिल्ली सहित कई रेल डिवीजनों ने अपने अपने जोन में नयी ट्रेनें शुरू करने पर सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी है. दिल्ली डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली डिवीजन में नयी ट्रेनें शुरू होने से रखरखाव की समस्या पैदा होगी क्योंकि मौजूदा बुनियादी ढांचे पर और अधिक भार नहीं डाला जा सकता.

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