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रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ जरूरीः रेल मंत्री

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने अगले दस वर्ष में 14 लाख करोड़ रुपये के निवेश की एक रूपरेखा तैयार की है. उन्होंने साथ ही रेलवे के लिए एक राष्ट्रीय नीति की भी वकालत की.

दिनेश त्रिवेदी दिनेश त्रिवेदी

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने अगले दस वर्ष में 14 लाख करोड़ रुपये के निवेश की एक रूपरेखा तैयार की है. उन्होंने साथ ही रेलवे के लिए एक राष्ट्रीय नीति की भी वकालत की. त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा कि रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए अगले दस वर्ष में 14 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है. इनमें सिग्नलिंग व्यवस्था का आधुनिकीकरण, रेल पटरियों को मजबूत बनाना और आधुनिक साजो सामान हासिल करना शामिल है.

यह पूछे जाने पर कि इतनी बड़ी राशि कहां से आयेगी, त्रिवेदी ने कहा, ‘हमें आशा है कि योजना आयोग आधुनिकीकरण योजना को पूरी मदद देगा. मैं आयोग से लगातार संपर्क में हूं और आयोग को इस बारे में पूरी जानकारी है. मैं इस बारे में प्रधानमंत्री से भी मिलूंगा.’

रेल मंत्री ने कहा कि योजना आयोग के अलावा इस राशि का एक हिस्सा आतंरिक रूप से और साथ ही सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये निजी निवेश के माध्यम से जुटाया जायेगा.

त्रिवेदी ने रेलवे के लिए एक राष्ट्रीय नीति की भी वकालत की. उन्होंने कहा, ‘विपक्ष को साथ लेकर एक राष्ट्रीय रेल नीति के मैं पक्ष में हूं. यह एक सामूहिक फैसला हो.’

रेलवे में आधुनिकीकरण योजना के तहत उन्होंने ई टेंडर और ई आक्शन की व्यवस्था शुरू किये जाने की भी वकालत की और कहा कि रेलवे के कबाड़ की बिक्री सिर्फ ई आक्शन के जरिये ही होनी चाहिए. रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड का विस्तार कर इसे नौ सदस्यीय बनाने का भी विचार पेश किया और कहा कि रेलवे बोर्ड में सदस्य राजस्व और सदस्य संरक्षा का पद होना चाहिए. फिलहाल रेलवे बोर्ड में अध्यक्ष सहित सात सदस्य होते हैं.

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