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आरुषि हत्‍याकांड में आज है एक और तारीख

आरुषि-हेमराज हत्याकांड में आज फिर एक अहम दिन है. आज सीबीआई कोर्ट में सुनवाई है. पिछली तारीख़ को हाज़िर नहीं होने पर नूपुर तलवार को ग़ैर ज़मानती वारंट भुगतना पड़ा लेकिन उससे हुआ क्या.

नूपुर तलवार नूपुर तलवार

आरुषि-हेमराज हत्याकांड में आज फिर एक अहम दिन है. आज सीबीआई कोर्ट में सुनवाई है. पिछली तारीख़ को हाज़िर नहीं होने पर नूपुर तलवार को ग़ैर ज़मानती वारंट भुगतना पड़ा लेकिन उससे हुआ क्या. नूपुर तो फिर भी पकड़ी नहीं गईं. आज फिर, वही कोर्ट है और वही तलवार दंपति. सवाल ये है कि क्या आज अदालती कार्रवाई कुछ आगे बढ़ेगी.

बीते 4 सालों में आरुषि की तस्वीर धुंधली पड़ चुकी है. हेमराज का तो नाम तक कोई याद नहीं करता. याद हैं तो सिर्फ़ राजेश तलवार और नूपुर तलवार. आरुषि के माता-पिता, जो इस सनसनीखेज़ दोहरे हत्याकांड में क़ानून के साथ लुका छिपी का खेल खेल रहे हैं.

इस सुनवाई में क्या आरुषि-हेमराज के क़त्ल के उलझे सवालों में से कोई सवाल हल होगा. या फिर एक और तारीख़ पेशी और सुनवाई के जुमलों में ज़ाया हो जाएगी. क्योंकि इस केस में अरसे से यही सब चल रहा है. पूछताछ, पेशी, सुनवाई, ज़मानत, सीबीआई कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट.

11 अप्रैल को ग़ाज़ियाबाद की सीबीआई अदालत में इस केस की सुनवाई थी, लेकिन नूपुर तलवार कोर्ट नहीं पहुंचीं. अदालत ने नूपुर के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी कर दिया. सीबीआई ने दर्जन भर ठिकानों पर छापे मारे लेकिन नूपुर की परछाई तक नहीं मिली. वही नूपुर, 13 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में हाज़िर हो गईं और अपनी गिरफ़्तारी के वारंट को चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक नूपुर की याचिका पर सुनवाई नहीं हो जाती तब तक उनकी गिरफ़्तारी नहीं होनी चाहिए.

पिछली तारीख़ पर सीबीआई कोर्ट में हाज़िर नहीं होने की वजह से ही नूपुर तलवार के ख़िलाफ़ ग़ैर जमानती वारंट जारी हुआ था. ठीक एक हफ़्ते बाद फिर वही घड़ी आ गई है. उसी अदालत में तलवार दंपति को पेश होना है.

आरुषि-हेमराज हत्याकांड को लेकर अदालती कार्रवाई में तेज़ी ज़रूर आई है लेकिन हर तारीख़, एक नई तारीख़ के ऐलान के साथ गुज़र जाती है. देखना यह है कि इस सुनवाई में सीबीआई कोर्ट में क्या होता है.

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