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दुर्लभ बीमारी से जूझ रही कर्मचारी की 2 साल की बेटी, कंपनी ने की 16 करोड़ की मदद

छत्तीसगढ़ के कोरबा ज‍िले में कोल इंडिया लिमिटेड में काम करने वाले एक कर्मचारी की बेटी के ल‍िए कंपनी ने द‍िल खोल द‍िया है और दुर्लभ बीमारी के ल‍िए 16 करोड़ रुपये की मदद की है.

दो साल की बच्ची को लगना है 16 करोड़ का इंजेक्शन. दो साल की बच्ची को लगना है 16 करोड़ का इंजेक्शन.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दुर्लभ बीमारी के ल‍िए 16 करोड़ का आता है इंजेक्शन
  • कोल कंपनी ने अपने कर्मचारी के ल‍िए की 16 करोड़ की मदद

खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने खदानकर्मी की दुर्लभ बीमारी से जूझ रही दो साल की बच्ची के इलाज के लिए 16 करोड़ रुपये द‍िए हैं. यह खदानकर्मी छत्तीसगढ़ के कोरबा ज‍िले में द‍िपका खदान क्षेत्र में कार्यरत है.

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के दिपका खदान क्षेत्र में काम करने वाले सतीश कुमार रवि की 2 साल की बेटी सृष्टि, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी बीमारी से जूझ रही है. यह एक आनुवंशिक बीमारी है और ज‍िसमें मरीज रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क के स्टेम से तंत्रिका कोशिकाओं के क्षरण की वजह से मांसपेशियों की गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं रख पाता.

16 करोड़ का है इंजेक्शन 

इस बीमारी से बचाव के ल‍िए सृष्टि को जॉलगेंसमा नाम का इंजेक्शन लगाना होगा जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है. 

इस बारे में कंपनी ने ट्वीट करते हुए बताया, "सीआईएल का मानना है कि इसके कर्मचारी और उनके परिवार ही इसकी असली संपत्ति हैं. स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़ित 2 साल की सृष्टि का इकलौता इलाज Zolgensma इंजेक्शन है ज‍िसके ल‍िए 16 करोड़ रुपये स्वीकृत क‍िए गए हैं. वह साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, द‍िपका में ओवरमैन का काम कर रहे सतीश कुमार रव‍ि की बेटी है."

सृष्टि का जन्म 22 नवंबर, 2019 को हुआ था. जन्म के छह महीने के बाद वह बीमार पड़ने लगी. दिसंबर, 2020 में उसे क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) वेल्लोर ले जाया गया जहां उसमें स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी होने का पता चला. 

 

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