26 जून को अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स निरोधक दिवस मनाया जाता है. नशीली वस्तुओं और पदार्थों को खत्म करने के लिए 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसम्बर, 1987 को प्रस्ताव पारित कर इस दिन को मनाने का निर्णय लिया था. बता दें कि भारत में रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई दवाइयां भी ड्रग्स की ही कैटेगरी में ही आती हैं. इनमें से कुछ तो ऐसी हैं, जिन्हें कई देशों ने बैन किया है. पर भारत में यह धड़ल्ले से बेची जा रही हैं. इनमें सिरदर्द की फेमस दवा डिस्प्रिन भी शामिल है.
गौरतलब है कि अमेरिका की सेफ्टी बॉडी ने साल 2002 में डिस्प्रिन को 16 साल के कम बच्चों के लिए बैन कर दिया था. (सोर्स: medindia.net)
डिस्प्रिन के के अलावा सिरदर्द, सर्दी, खांसी की एक अन्य दवाई डी कोल्ड टोटल भी कई देशों में बैन है. गौरतलब है कि इस दवाई से किडनी खराब होने का खतरा रहता है.
कब्ज की दवाई Phenolphthalein भी कई देशों में बैन है. रिसर्च के म इस दवाई से कैंसर हो सकता है. इसके अलावा इससे जेनेटिक डैमेज का भी खतरा बना रहता है.
कोलेस्ट्रोल की दवाई Cerivastatin कई देशों में बैन है. दरअसल इस दवाई से मांसपेशियां डैमेज हो सकती है. इसके अलावा इससे किडनी भी खराब हो सकती है.
पेनकिलर की दवाई Oxyphenbutazon भी कई देशों में बैन लग चुका है. दरअसल इस दवाई के लिए हड्डियों के सिकुड़ने और ब्लड सेल्स के डैमेज होने का खतरा बना रहता है.
Nitrofurazone एक तरह की एंटी बैक्टिरियल दवा है. इस दवा से कैंसर होने का खतरा बना रहता है. इसके चलते ये ड्रग कई देशों में बैन है.
Furazolidone डायरिया की दवाई है. स्टडीज के मुताबिक इस दवाई से कैंसर होने का खतरा रहता है. ये दवाई भी दुनिया के कई देशों में बैन है.
Propoxyphene एक पेनकिलर है. इस दवाई से हार्ट की बीमारी हो सकती है.