यह सब संभव हो पाया है लॉकडाउन से, क्योंकि इस दौरान पर्यटक गतिविधियां झील में थमने से पानी साफ हो गया है. हानिकारक बैक्टीरिया भी लगभग खत्म हैं. झील का पानी फिजिकल, केमिकल व बैक्टीरियल समेत तमाम पैरामीटर पर खरा उतरा है. झील का मटमैलापन भी बेहद कम हुआ है. लॉकडाउन की वजह से ही पानी की गुणवत्ता सुधरी है.