युद्ध में दुश्मनों को परास्त करने के लिए हर हथकंडे अपनाए जाते हैं. नॉर्थ कोरिया भी लगातार युद्ध की धमकियां देता रहा है. क्या अब उसी युद्ध को जीतने के लिए उसने एक नई चाल चली है? क्या अपने देश की महिलाओं को वह गुप्त हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है. क्या इसीलिए तानाशाह ने अपनी कथित गर्लफ्रेंड और अपनी बहन को हाल ही में साउथ कोरिया भेजा है. आइए जानते हैं विस्तार से...
साउथ कोरिया में विंटर ओलंपिक चल रहा है. नॉर्थ कोरिया ने सारी कड़वाहट को किनारे रखकर अपनी टीम को साउथ कोरिया भेज दिया है और तानाशाह ने साउथ कोरिया के राष्ट्रपति को उत्तर आने का निमंत्रण भी दे दिया है. इस निमंत्रण को उनकी बहन किम यो जोंग ने खुद राष्ट्रपति को सौंपा. इसे किम की बहन की कामयाबी के तौर पर देखा जा सकता है कि राष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया.
बीबीसी में छपी एक रिपोर्ट में लिखा गया है कि जरूरी नहीं है कि कोरियाई तानाशाह किम जोंग दुनिया का ध्यान खींचने के लिए मिसाइल ही फायर करे. उनके पास कई और भी पावरफुल हथियार हैं. ये हैं उनकी टीम में शामिल महिलाएं.
नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरिया में हो रहे ओलंपिक में अपनी चीयर लीडर्स को भी भेजा हैं. ये चीयर लीडर्स अपने देश के झंडे के साथ ओलंपिक में परफॉर्म करती दिखीं. कई रिपोर्टों में बताया गया है कि साउथ कोरिया के दर्शकों ने इनके प्रदर्शन को काफी पसंद किया.
हालांकि, अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि शीतकालीन ओलंपिक के
साथ-साथ दोनों कोरियाई देशों के बीच वार्ता के बावजूद उत्तर कोरिया के
परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अमेरिका और दक्षिण कोरिया एकजुट हैं.
पेंस ने
दक्षिण कोरिया के प्योंगचांग में खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के
बाद एयर फोर्स टू विमान में संवाददाताओं से कहा कि वह और राष्ट्रपति मून
जेइ इन उत्तर कोरिया के खिलाफ ‘‘मजबूती से खड़े’’ हुए हैं और मिलकर प्रयास
कर रहे हैं.
कुछ हफ्ते पहले विंटर ओलंपिक गेम्स के मद्देनजर ही उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की कथित गर्लफ्रेंड ह्योन सोन्ग वोल साउथ कोरिया पहुंची थी. इससे पहले स्पाइस गर्ल के नाम से मशहूर इस लड़की के बारे में अफवाह उड़ी थी कि तानाशाह ने इसे मरवा दिया है.
ह्योन सोन्ग वोल साउथ कोरिया में ओलंपिक गेम्स की तैयारी का जायजा लेने के लिए आई थी. इससे पहले दोनों कट्टर दुश्मन देशों के बीच बातचीत हुई थी और नॉर्थ कोरिया ने अपनी टीमों को विंटर ओलंपिक में भेजने का फैसला किया था.
ओलंपिक के मद्देनजर नॉर्थ कोरिया के रुख में नर्मी दिख रही है. लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया के ओलंपिक कूटनीति अभियान का मकसद उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को कम करना और दक्षिण कोरिया तथा अमेरिका के बीच गठबंधन को कमजोर करना है.
ह्योन सोन्ग वोल के बारे में पहले ऐसी खबरें छपी थी कि उसे नॉर्थ कोरियाई तानाशाह ने अपने फायरिंग स्कवॉयड के जरिए मरवा दिया है. कई मसलों को लेकर पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश भी की, लेकिन वोल ने कोई बात नहीं की थी. ह्योन सोन्ग वोल नॉर्थ कोरिया के मोरंगबॉन्ग नाम के बैंड की हेड भी हैं.