किंग ऑफ पॉप कहे जाने वाले अमेरिकी सिंगर माइकल जैक्सन की बायोपिक रिलीज हुई है जिसमें उनकी जिंदगी से जुड़ी कई बड़ी बातों के खुलासे हुए हैं. जानें- माइकल जैक्सन से जुड़ी ये बातें.
माइकल जैक्सन: सर्चिंग फॉर नेवरलैंड नाम से रिलीज हुई ये फिल्म साल 2014 की एक किताब पर बेस्ड है. ये किताब माइकल जैक्सन के बॉडी गार्ड्स बिल विटफील्ड और जैवन बीयर्ड ने लिखी थी.
फिल्म में ये भी दिखाया गया है कि अपने 3 बच्चों के साथ माइकल जैक्सन के कैसे रिश्ते थे.
माइकल जैक्सन को अपनी निजी जिंदगी को प्राइवेट रखना पसंद था. एक बार वॉशिंगटन के एक होटल में दीवार पर लगे सीसीटीवी कैमरा को हाथ मारकर तोड़ दिया था. इसमें उनका हाथ भी कट गया था.
कॉन्ट्रेक्ट के मुताबिक माइकल के बॉडी गार्ड्स बिल और जैवन को इस बात की इजाजत नहीं थी कि वो अपने घरवालों को यह बात बता सकें कि वो माइकल जैक्सन के लिए काम करते हैं. इसके चलते उनके पर्सनल संबंधों पर भी असर पड़ा.
माइकल जैक्सन को इस बात से कोई परेशानी नहीं थी कि उनके फैंस उनके घर के बाहर बैठे रहें. उनके फैंस उन्हें एक झलक देखने के लिए उनके घर के बाहर बैठे रहते थे.
माइकल जैक्सन अपने बच्चों की पहचान छिपाने के लिए चेहरे उनके चेहरे पर मास्क लगाते थे और उसे 'ड्रेस अप' चैलेंज का नाम देते थे और इसे खेल में बदल देते थे और अपने बच्चों को लोगों से अपना असली नाम बताने के मना करते थे.
माइकल जैक्सन ने एक फोटोग्राफर को 75 हजार डॉलर दिए थे क्योंकि उस समय उनके असिस्टेंट रहे फेल्डमेन ने फोटोग्राफर का कैमरा तोड़ दिया था. माइकल के बॉडी गार्ड बिल के मुताबिक उसके बाद फेल्डमेन को नौकरी से निकाल दिया गया था.
माइकल जैक्सन पर भारी कर्ज था. इतना ही नहीं बिल और जैवन को पांच महीने तक सैलरी भी नहीं मिली थी.
फिल्म देखने जाने के लिए माइकल जैक्सन खुद पीनट बटर और हॉट सॉस लेकर जाते थे जिसे वो पॉपकार्न पर स्प्रे कर के खाते थे.
इतना ही नहीं उन्हें अपने बच्चों को फिल्म फेस्टिवल ले जाना पसंद था जहां चार्ली चैपलिन की फिल्में दिखाई जाती थीं.
बता दें कि इस फिल्म में माइकल जैक्सन का किरदार उनके बॉडी डबल नवी ने निभाया है. नवी से खुद माइकल जैक्सन ने कुछ इवेंट्स के दौरान काम करवाया था.