चुनाव के बादइजरायल में कोई भी पार्टी 61 सीटें जीतने में कामयाब नहीं रही है इसलिए यहां हमेशा गठबंधन की सरकार ही बनती रही है. चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद राष्ट्रपति सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं. पार्टी के नेता के पास बहुमत साबित करने के लिए 28 दिन होते हैं हालांकि, राष्ट्रपति 14 दिनों का वक्त और दे सकता है.
अगर सबसे बड़ी पार्टी गठबंधन की सरकार बनाने में नाकाम रहती है तो राष्ट्रपति किसी दूसरी पार्टी को मौका दे सकता है. 2009 में भी ऐसा ही समीकरण देखने को मिला था जब काडिमा पार्टी के नेता जिपी लिवनी नेतन्याहू के नेतृत्व वाली लिकुड पार्टी से एक सीट ज्यादा हासिल करने के बावजूद सरकार नहीं बना पाए थे. अप्रैल 2019 के चुनावों के बाद, राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को सरकार बनाने के लिए बुलाया था लेकिन वह गठबंधन नहीं बना सके. संसद भंग करने के पक्ष में नेसेट में मतदान हुआ जिसके बाद दोबारा चुनाव कराए गए.