पाकिस्तान में जबरन शादी का शिकार हुईं भारतीय नागरिक उजमा अहमद वापस वतन लौट आई हैं. भारत आकर वे विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के साथ मीडिया के सामने आईं और अपनी आपबीती सुनाई.
उज्मा ने मीडिया के आगे कहा कि पाकिस्तान मौत का कुआं है. वहां जाना बेहद आसान है, लेकिन लौटना नामुमकिन. गौरतलब है कि उज्मा मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं. - उज्मा ने मीडिया के सामने आने के बाद बताया, “मैं अनाथ थी. मैं अपने माता-पिता की गोद ली हुई संतान हूं.”
अप्रैल में इंटरनेट के जरिए उज्मा की मुलाकात ताहिर नाम के पाकिस्तानी शख्स से हुई. ताहिर ने उज्मा को मलेशिया में जॉब का ऑफर दिया. उज्मा मलेशिया पहुंचीं. ताहिर वहां टैक्सी ड्राइवर था.
ताहिर से मुलाकात के बाद उज्मा भारत लौटीं. उज्मा के बयान के मुताबिक एक मई को वो अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान गईं. यहां फिर उनकी ताहिर से मुलाकात हुई.
उज्मा के मुताबिक पाकिस्तान में ताहिर ने मुझे धोखे से नींद की गोलियां दीं. फिर मुझे किडनैप किया और बुनेर ले गया. तीन मई को ताहिर ने बंदूक की नोंक पर निकाहनामे पर साइन करा लिया और मुझे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया. ”
बुनेर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनखवा का हिस्सा है. यहां आज भी तालिबान का राज चलता है. ऐसे में उज्मा समझ गईं कि वो यहां बुरी तरह फंस चुकी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उज्मा ने ताहिर से कहा कि उन्हें कुछ डॉक्यूमेंट्स लेने के लिए इंडिया जाना होगा. ताहिर को शक नहीं हुआ क्योंकि उज्मा ने उससे कहा था कि वो उसे भी दिल्ली ले जाएंगी.
ताहिर और उज्मा पांच मई को इंडियन एम्बेसी पहुंचे. उज्मा वीजा विंडो पर पहुंची. ताहिर, बाहर बैठा रहा. उज्मा ने विंडो पर मौजूद स्टाफ से कहा, “भारतीय हूं, मदद कीजिए.” एक पल चुप रहने के बाद स्टाफ ने उसे एम्बेसी के अंदर ले लिया. वहां जीपी. सिंह (डिप्लोमैट) मौजूद थे. उन्होंने उज्मा से पूरी बात पूछी.
उज्मा एम्बेसी के अंदर पहुंचकर सेफ हो गईं. ताहिर कई घंटे तक बाहर बैठा रहा। बाद में पूछने पर स्टाफ ने उसे बताया कि उज्मा उसके साथ नहीं जाना चाहतीं.
ताहिर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. मामला इस्लामाबाद के लोअर और फिर हाईकोर्ट पहुंचा. उज्मा के मुताबिक, “सुषमा मैडम, हर रोज और कई बार तो दिन में तीन या चार बार मुझे फोन करतीं. वो कहतीं- बेटा फिक्र मत करो. तुम इसे देश की, भारत की बेटी हो. हिम्मत रखना, हम तुम्हें कुछ नहीं होने देंगे. तुम्हें ताहिर के साथ नहीं जाने देंगे.”
यही नहीं सुषमा के मुताबिक, “एक सुनवाई के दौरान ताहिर ने हाईकोर्ट के जस्टिस कयानी से कहा, साहब ये पाकिस्तान की इज्जत का सवाल है. इस पर जस्टिस कयानी ने कहा- इसमें हिंदुस्तान और पाकिस्तान कहां आते हैं. ये तो एक लड़की के इंसाफ का मामला है.”