ब्राजील में रिसर्चर्स एक ऐसे ट्रीटमेंट पर काम कर रहे हैं जिसमें जले हुए मरीजों के ऊपर मछली की स्किन लगाई जाती है. डॉक्टर्स तिलपिया नाम की मछली को इसके लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
इसके लिए मछली की स्टरलाइज्ड स्किन का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी मदद से मरीज के दर्द को कम किया जाता है.
डॉक्टरों का कहना है कि इससे बीमारी के इलाज पर खर्च भी कम आता है.
इससे पहले फ्रोजेन पिग स्किन और ह्यूमन टिश्यू भी इलाज के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं.
ह्यूमन टिश्यू या पिग स्किन की उपलब्धता कम होती है. इसकी जगह पर पश्चिमी देशों में कृत्रिम प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं. लेकिन उन्हें अक्सर बदलना पड़ता है और इस दौरान काफी दर्द होता है.
डॉक्टर्स ने कहा है कि तिलपिया मछली के इस्तेमाल से मरीज को काफी राहत मिलती है और वे जल्दी ठीक होते पाए गए हैं.
रिसर्च कर रहे डॉक्टर को उम्मीद है कि दूसरे देशों में भी इस तरीके का इस्तेमाल किया जा सकेगा.
एक रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में भी डॉक्टर करीब 56 मरीजों के ऊपर इस मेथड का इस्तेमाल कर रहे हैं.
हालांकि, अभी इस मेथड को मान्यता नहीं मिली है और इसे क्लिनिकल ट्रायल ही बताया जा रहा है.