वहीं, एडीओ पंचायत बाबूराम नागर का कहना है कि मनरेगा के तहत जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया उनको वह काम दे रहे हैं. जो लोग पढ़े-लिखे हैं और डिग्री धारक हैं उनके लिए भी वह जिला उद्योग केंद्र से और आईटीआई से बात कर रहे हैं और उसके लिए फॉर्मेट भी तैयार किया गया है. उनके फॉर्म भरवाए जा रहे हैं. जाे मजबूरी के तहत मजदूरी का काम कर रहे हैं. उनको उनके हिसाब से ही रोजगार मिल जाए, जिसकी व्यवस्था की जा रही है.