लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे क्रिकेटर गौतम गंभीर और उनकी पत्नी नताशा के घर एक बार फिर किलकारियां गूंजी हैं. गंभीर की पत्नी नताशा ने अपनी दूसरी बेटी को दिल्ली में जन्म दिया.
इस खबर की जानकारी खुद गौतम गंभीर ने अपने सोशल मीडिया पर दी. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडर पर एक तस्वीर शेयर की जिसमें उनकी बड़ी बेटी अज़ीन अपनी छोटी बहन को गोद में लेकर बैठी है.
आपको बता दें कि गंभीर और नताशा की शादी 28 अक्टूबर, 2011 को गुड़गांव में हुई थी. नताशा एक बिजनेसमैन फैमिली से आती हैं. गौतम के पिता दीपक का टेक्सटाइल बिजनेस है, जबकि मां सीमा हाउस वाइफ हैं.
गौतम और नताशा फैमली फ्रेंड्स हैं. दोनों की मुलाकात इनकी फैमिली ने ही करवाई थी. गौतम के पिता दीपक गंभीर और नताशा के पिता रवींद्र जैन करीब 30 सालों से एक-दूसरे को जानते थे. नताशा बीबीए ग्रैजुएट हैं.
नताशा और गौतम गंभीर की पहले से ही एक बेटी आजीन है. आजीन का जन्म 1 मई, 2014 को हुआ था.नताशा ट्विटर और इन्स्टाग्राम पर एक्टिव रहती हैं. वह अपनी फैमली की फोटोज इंस्टाग्राम में पोस्ट करती रहती हैं.
वहीं, कुछ समय पहले दोनों अपनी पहली बेटी के साथ अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने पहुंचे थे. उसी वक्त से उनकी बीवी के प्रेगनेंट होने के कयास लगाए जा रहे थे.
गौरतलब है पिछले कुछ समय से गंभीर के लिए खेल के मैदान पर और मैदान के बाहर कुछ अड़चनें आ रही थीं. हाल ही में गंभीर पर 4 डॉमेस्टिक मैचों का भी प्रतिबंध लगा था.
वहीं, उनकी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल-10 में खिताब अपने नाम नहीं कर सकी. इसके बाद हाल ही में उनके एक कोच के साथ अनबन की खबरें
आई थीं.
गंभीर ने भारतीय टीम को 2007 टी-20 विश्वकप और 2011 वनडे विश्वकप जिताने में अहम भूमिका अदा की थी. साल 2007 से 2012-13 तक गौतम गंभीर भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट में अहम सदस्य रहे. गंभीर ने अपना आखिरी टी-20 साल 2012 में, आखिरी वनडे साल 2013 में और आखिरी टेस्ट मैच साल 2016 में खेला था.
इससे पहले गंभीर ने सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए सैनिक सुरेंद्र ठाकुर के बच्चों का खर्चा उठाने का ऐलान किया था. वहीं, चैंपियन्स ट्रॉफी में भारत की हार पर
जश्न मनाने पर कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ को आड़े हाथ लिया था.
गंभीर ने ट्विटर पर लिखा था, "मीरवाइज़ के लिए एक सलाह है कि वो बॉर्डर के पार (पाकिस्तान) क्यों नहीं चले जाते? वहां आपको बेहतर पटाखे (चाइनीज) मिलेंगे. ईद
भी वहीं मनाना, मैं आप का सामान बांधने में आपकी मदद करूंगा."