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देश छोड़कर चीन की कोरोना वैक्सीन लगवाने नेपाल क्यों जा रहे लोग? ये है जवाब

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कोरोना ने पूरे देश में कोहराम मच रखा है और संक्रमण के लाखों केस हर दिन सामने आ रहे हैं. ऐसे में सरकार वैक्सीनेशन में तेजी लाने की कोशिश कर रही है. हालांकि कुछ लोग भारत में वैक्सीनेशन कराने की जगह नेपाल जाकर वहां चीनी वैक्सीन लगवा रहे हैं. ऐसा वो क्यों कर रहे हैं ये जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक बीते बुधवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक अस्पताल कर्मचारी टीके के लिए खड़े लोगों के हाथों में सूटकेस देखकर चौंक गए. जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने ऐसे लोगों को पहचान पत्र दिखाने को कहा जिसके बाद ऐसे लोगों ने भारतीय पासपोर्ट दिखाया. जब वहां कर्मचारियों ने वैक्सीन लगाने से मना किया तो कथित तौर पर ऐसे लोग झगड़ा करने पर उतारू हो गए.  सूटकेस लेकर भारत छोड़कर वो वहां वैक्सीन लेने क्यों पहुंचे थे जब इसका राज खुला तो अस्पताल प्रबंधन को भी झटका लग गया.
 

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दरअसल चीनी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर चीन में प्रवेश को लेकर जो प्रावधान बनाया है उसमें बताया गया है कि चीन के लिए सिर्फ उन्हीं लोगों को वीजा दिया जाएगा जो चीन में बनी वैक्सीन लगवाएंगे. इसलिए ऐसे भारतीय वहां चीनी वैक्सीन लेने पहुंच गए जो कारोबार या किसी अन्य काम के लिए वहां जाना चाहते हैं. भारत में चीनी वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है.
 

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बीबीसी के मुताबिक काठमांडू के टेकु अस्पताल के निदेशक सागर राज भंडारी ने बताया कि उन्हें इस बात की भनक भी नहीं थी. ऐसे लोगों के सामने आने के बाद पता चला की वैक्सीनेशन का इसके  लिए दुरुपयोग किया जा रहा है क्योंकि ऐसे लोगों का कोरोना से बचना नहीं चीन जाना मकसद है. निदेशक के मुताबिक जब ऐसे भारतीय लोगों को वैक्सीन लगाए जाने से इनकार किया गया तो वो तरह तरह के हथकंडे अपनाने लगे. कुछ झगड़ा करने लगे तो कुछ लोग अन्य तरीकों से दबाव बनाने लगे.
 

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इस पर नेपाल के अधिकारियों ने आशंका जताई की चीनी कंपनियों के साथ कारोबार करने वाले भारतीय कारोबारी अपने कर्मचारियो को चीन भेजने के लिए ये हथकंडा अपना रहे हैं. यही वजह है कि वो सिर्फ चीनी वैक्सीन ही लगवाना चाहते हैं. बता दें कि भारत में भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वैक्सीनेशन में तेजी लाई गई है. देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन लोगों को दिया जा रहा है वहीं रूसी कंपनी स्पुतनिक वी को भी आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल के लिए अनुमति दी गई है.