परिजनों के कहने से भी नहीं तोड़ा संकल्प:
उर्मिला
चतुर्वेदी की बहू रेखा के मुताबिक जब वो घर मे करीब 17 साल पहले आई तब से
उसने मां को ऐसा ही देखा है. रेखा के मुताबिक मां सिर्फ दूध या फलहार ही
लेती हैं और अन्न का एक दाना नहीं लेतीं लेकिन इसके बावजूद उनमें खूब ऊर्जा
है.
रेखा ने बताया कि इतने सालों से खाना नहीं खाने के बावजूद मां अपना
सारा काम खुद ही करती थीं लेकिन अब बीते 3-4 साल से उम्र की वजह से शरीर
मे थोड़ी कमज़ोरी आ गयी है लेकिन उनकी बाकी दिनचर्या का नियम जस का तस बना
हुआ है. उनको कई बार घरवालों से लेकर रिश्तेदारों और समाज के अन्य लोगों ने
संकल्प खोलकर खाना खाने को मनाया लेकिन वो नहीं मानीं.