भारत की ओर से दूसरे सर्जिकल स्ट्राइक की हुंकार के बाद पाकिस्तान डर गया है. पाकिस्तान सीमा पार इलाकों में तैयारी करने लगा है. भारत के सेना प्रमुख बिपिन रावत ने इससे पहले कहा था कि जिस तरह के हालात चल रहे हैं उनको देखते हुए आतंकवादियों के खिलाफ एक और सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत है. (प्रतीकात्मक फोटो)
पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना को लेकर रावत ने सोमवार को बड़ा बयान दिया था. उन्होंने आज तक से बात करते हुए कहा था- जब तक पाकिस्तान में सेना और ISI सरकार के अधीन नहीं आती तब तक बॉर्डर पर हालात नहीं सुधरेंगे.
अब खुफिया रिपोर्ट ऐसे संकेत दे रही है कि पाक आर्मी एक्शन मोड में आ गई है. भारत के किसी भी कार्रवाई से डरी हुई पाकिस्तान आर्मी एहतियात भी बरत रही है.
पार्क आर्मी पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ प्लानिंग कर रही है. अलग-अलग जगहों पर मोर्टार तैयार रखे गए हैं.
बॉर्डर एरिया से पाकिस्तान ने 90 फीसदी ग्रामीणों को हटा दिया है. किसी आपात स्थिति में बड़ी कैजुअल्टी न हो, इसलिए ऐसा किया गया है.
दूसरी ओर, खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पीओके में 6 नए आतंकी लॉन्चपैड का पता चला है.
आतंकी लॉन्चपैड के जरिए पाकिस्तान भारत में आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश करता है. सूत्रों के मुताबिक, 6 अलग-अलग लॉन्चिंग पैड पर करीब 50 आतंकी घुसपैठ की कोशिश में जमा हैं.
कब हुआ था पहला सर्जिकल स्ट्राइक, कैसे किया था दुश्मनों का खात्मा-
उरी
हमले के करीब दस दिन बाद 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर
दिया.
18-19 सितंबर, 2016 को उरी बेस कैंप पर आतंकवादियों ने हमला किया था. इस
हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे. इसी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम
देने की योजना बनाई गई थी.
उरी में जैश-ए-मोहम्मद फिदाइन दस्ते ने भारतीय सेना की 12 ब्रिगेड के एडमिनिस्ट्रेटिव स्टेशन पर हमला किया था.
उरी हमले के दौरान मारे गए आतंकियों से जब्त जीपीएस सेट्स से हमलावरों के पाकिस्तान
से जुड़ाव का पता चला था.
पकड़े गए दो स्थानीय
गाइड्स ने खुलासा किया था कि पाकिस्तानी सेना ने हमलावरों को घुसपैठ में
मदद की.
उरी आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर थी. इसके बाद सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया.
हमले से पहले आतंकियों के लॉन्चिंग पैड्स पर खुफिया एजेंसियां एक हफ्ते से
नजर रखे हुए थीं.
रॉ और मिलिट्री इंटेलिजेंस पूरी मुस्तैदी से आतंकवादियों
की एक-एक हरकत की पड़ताल कर रही थी.
सेना ने हमला करने के लिए कुल छह कैंपों का लक्ष्य रखा था. हमले के दौरान इनमें से तीन कैंपों को पूरी तरह तबाह कर दिया.
तत्कालीन डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने तब प्रेस कान्फ्रेंस करके
बताया था कि भारत ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किया. सर्जिकल स्ट्राइक से
दुश्मन को काफी नुकसान पहुंचा था.