संगम की पावन रेती पर आस्था का सबसे बड़ा मेला सज चुका है. 3 जनवरी 2026 से माघ मेले का भव्य आगाज हो चुका है और 15 फरवरी तक चलने वाले आस्था के इस महाकुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं. लेकिन संगम की इस यात्रा में जितनी अहमियत आपकी श्रद्धा की है, उतनी ही जरूरी आपकी सेहत और सुरक्षा भी है. जनवरी की हड्डियों को कंपा देने वाली ठंड और संगम की रेतीली जमीन पर एक लंबा समय बिताना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है. अगर आप भी इस साल त्रिवेणी तट पर पुण्य की डुबकी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो अपने बैग को पैक करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आपकी यात्रा सुखद बनी रहे.
1. कड़ाके की सर्दी से बचाव का सही तरीका
प्रयागराज में जनवरी की ठंड किसी परीक्षा से कम नहीं होती. यहां की सुबह और शाम बहुत ठंडी होती है, जबकि दोपहर में खिली धूप थोड़ी राहत जरूर देती है. ऐसे में सिर्फ एक भारी जैकेट के भरोसे रहना सही नहीं होगा. कपड़े पैक करते समय 'लेयरिंग' यानी परतों वाले कपड़ों को प्राथमिकता दें. अपने बैग में थर्मल इनरवेअर, ऊनी स्वेटर और एक विंडप्रूफ जैकेट जरूर रखें. लेयर्स में कपड़े पहनने का फायदा यह है कि आप मौसम के बदलते मिजाज के हिसाब से कपड़े उतार या पहन सकते हैं. इसके अलावा, ऊनी मोजे और कान ढकने के लिए मफलर या टोपी रखना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि रेतीली हवाओं के बीच ठंड सबसे पहले पैर और कान से ही शरीर पर हमला करती है.
2. रेतीली जमीन के लिए जूतों का सही चुनाव
माघ मेला क्षेत्र कई किलोमीटर में फैला होता है, जहां वाहनों की आवाजाही सीमित होती है. यहां आपको रेतीली जमीन और उबड़-खाबड़ रास्तों पर कई-कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है. ऐसे में आपके जूतों का चुनाव आपकी पूरी यात्रा का अनुभव तय करेगा. चप्पल या सैंडल पहनकर रेत में चलना न केवल मुश्किल होता है, बल्कि पैरों में ठंड भी लगती है. ऐसे में पैकिंग के समय आरामदायक और मजबूत जूते या ट्रेकिंग बूट्स को पहली पसंद बनाएं. ये जूते न केवल आपके पैरों को गर्म रखेंगे, बल्कि रेतीले रास्तों पर लंबी दूरी तय करते समय आपके पैरों को थकने से भी बचाएंगे.
3. निजी स्वच्छता और प्राथमिक चिकित्सा का रखें ध्यान
श्रद्धालुओं के भारी जमावड़े के बीच अपनी सेहत और स्वच्छता का ख्याल रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. अपनी एक निजी स्वच्छता किट जरूर तैयार करें जिसमें हैंड सैनिटाइज़र, वेट वाइप्स, साबुन और टूथब्रश जैसी बुनियादी चीजें शामिल हों. इसके साथ ही, एक छोटी मेडिकल किट रखना भी समझदारी है. इसमें सिरदर्द, पेट की गड़बड़ी, बुखार और सामान्य सर्दी-जुकाम की दवाइयां होनी चाहिए. चूंकि मेले में दवा की दुकानें दूर हो सकती हैं, इसलिए यदि आप कोई नियमित दवा लेते हैं, तो उसका पर्याप्त स्टॉक अपने साथ रखना सुनिश्चित करें.
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4. सुरक्षा के लिए डिजिटल और कागजी तैयारी करें
मेले के खुले वातावरण में स्मार्टफोन ही अपनों से जुड़ने का एकमात्र जरिया होता है, लेकिन चार्जिंग की सुविधा हर जगह उपलब्ध होना मुश्किल है. ऐसे में अपने फोन को चालू रखने के लिए एक पावर बैंक बैग में जरूर रखें. मोबाइल के साथ-साथ अपने जरूरी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड या पहचान पत्र की फोटोकॉपी भी साथ रखें. इन्हें पानी और नमी से सुरक्षित रखने के लिए किसी प्लास्टिक जिप-लॉक बैग में रखना न भूलें. यह छोटी सी सावधानी आपको किसी भी अप्रिय स्थिति या भीड़ में बिछड़ने जैसी समस्या से निपटने में मदद करेगी.
5. एनर्जी और हाइड्रेशन का खास ध्यान
मेला क्षेत्र में पैदल चलने और भीड़ का सामना करने के कारण शरीर जल्दी थक सकता है. अपनी एक रियूजेबल पानी की बोतल साथ रखें ताकि आपको जगह-जगह पानी न ढूंढना पड़े और आप हाइड्रेटेड रहें. इसके अलावा, तुरंत ऊर्जा देने वाले हल्के स्नैक्स जैसे कि गुड़-चना, ड्राई फ्रूट्स या एनर्जी बार अपने बैग के छोटे पॉकेट में रखें. ये चीजें वजन में हल्की होती हैं लेकिन थकान के समय आपको तुरंत ताकत देती हैं.