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ट्रैवल पर पैरों का दर्द बिगाड़ न दे मजा! पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान तक, ऐसे चुनें सही जूते

अगर आप घूमने-फिरने निकलते वक्त या किसी खास मौके पर अक्सर गलत जूते पहन लेते हैं और बाद में पछताते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. यहां जानें जगह, मौसम और मौके के हिसाब से सही फुटवियर चुनने के वो टिप्स, जिससे आपका स्टाइल भी बना रहे और पैरों में दर्द भी न हो.

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स्टाइल भी और आराम भी, ऐसे चुनें सही जूते (Photo: Pexels)
स्टाइल भी और आराम भी, ऐसे चुनें सही जूते (Photo: Pexels)

अगर आप भी घूमने-फिरने के शौकीन हैं और अक्सर ट्रिप पर गलत जूते पहन लेते हैं, जिससे बाद में पैरों के दर्द के कारण आपका पूरा मजा किरकिरा हो जाता है, तो यह खबर आपके काम की है. सही फुटवियर का चुनाव न केवल आपके ट्रैवल लुक को शानदार बनाता है, बल्कि यह आपके पैरों के आराम और सुरक्षा के लिए भी उतना ही जरूरी है.

अक्सर हम कपड़ों और फोटो पर तो खूब ध्यान देते हैं, लेकिन जूतों के चुनाव में गलती कर बैठते हैं, जिससे न केवल पैरों में छाले पड़ सकते हैं बल्कि फिसलन भरी जगहों पर चोट लगने का डर भी रहता है. तो चलिए जानते हैं कि पहाड़ों की बर्फीली वादियों से लेकर राजस्थान के रेतीले धोरों तक, आपको किस तरह के जूते पहनने चाहिए.

माहौल के अनुसार करें फुटवियर का चुनाव

फुटवियर तय करने का सबसे पहला और मुख्य आधार वह जगह होनी चाहिए जहां आप घूमने जा रहे हैं. अगर आप राजस्थान के जयपुर, जैसलमेर या जोधपुर जैसे ऐतिहासिक शहरों की सैर पर हैं, तो यहां आपको काफी पैदल चलना पड़ सकता है और किलों की चढ़ाई करनी पड़ सकती है. ऐसे में पुरुषों और महिलाओं के लिए आरामदायक कैनवस शूज या अच्छी ग्रिप वाले स्नीकर्स बेहतरीन विकल्प होते हैं. वहीं अगर आप रेगिस्तान में ऊंट की सवारी या सैंड ड्यून्स पर जा रहे हैं, तो ऐसे जूते पहनें जिनमें रेत आसानी से न घुसे या जिन्हें साफ करना आसान हो.

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बर्फीली पहाड़ियों के लिए खास तैयारी

अगर आपकी मंजिल जम्मू-कश्मीर, मनाली या कोई भी ऐसी जगह है जहां बर्फबारी का आनंद लेना है, तो यहां सामान्य स्पोर्ट्स शूज फेल हो सकते हैं. क्योंकि, बर्फ पर चलने के लिए वाटरप्रूफ बूट्स सबसे जरूरी हैं. ऐसे में ध्यान रखें कि जूतों की सोल 'एंटी-स्किड' होनी चाहिए ताकि आप फिसलन वाली बर्फ पर गिरें नहीं. कश्मीर जैसे इलाकों में पैरों को जमा देने वाली ठंड से बचाने के लिए ऊनी अस्तर युक्त बूट्स पहनना सबसे समझदारी है. वहीं पहाड़ों पर हाइकिंग या ट्रेकिंग के लिए हमेशा मजबूत पकड़ और एंकल सपोर्ट युक्त ऊंचे जूते ही चुनें, ताकि ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर पैर मुड़ने का खतरा न रहे.

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मौसम और गतिविधि का रखें विशेष ख्याल

जूते चुनते समय मौसम और आपकी गतिविधियों का तालमेल होना बहुत आवश्यक है. गर्मियों या समुद्र किनारे (जैसे गोवा या केरल) की ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ऐसे फुटवियर चुनें जो हवादार हों, जैसे कि सैंडल या फ्लिप-फ्लॉप, ताकि पैरों में पसीना और नमी न जमा हो. इसके विपरीत, बरसात के मौसम में हिल स्टेशन्स पर फिसलन बहुत होती है, इसलिए वहां रबर के सोल वाले और वाटरप्रूफ जूतों का ही चुनाव करना चाहिए. यदि आपकी ट्रिप में लंबी वॉक या जिमिंग शामिल है, तो पैरों को झटकों से बचाने के लिए अच्छी गद्देदार सोल वाले शूज ही साथ रखें.

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फिटिंग और व्यक्तिगत शैली का महत्व

इन सभी बातों के साथ-साथ आपकी जूतों की फिटिंग सबसे ज्यादा मायने रखती है. आप जो भी फुटवियर चुनें, यह सुनिश्चित करें कि वह आपके पैरों में पूरी तरह फिट हों, क्योंकि बहुत तंग या ढीले जूते पहाड़ों की चढ़ाई या लंबी वॉक के दौरान पैरों में छाले पैदा कर सकते हैं. हमेशा नए जूतों को ट्रिप पर ले जाने से पहले एक-दो बार पहनकर देख लें ताकि वे आपके पैरों के अनुकूल हो जाएं. जब आप जगह और मौसम के हिसाब से सही जूतों का चुनाव करते हैं, तो आप किसी भी डेस्टिनेशन पर आत्मविश्वास के साथ कदम रख सकते हैं और अपनी यात्रा का बिना किसी दर्द के पूरा आनंद ले सकते हैं.

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