तरबूज (Watermelon) गर्मियों में सबसे अधिक खाए जाने वाले फलों में से एक है. इसका वैज्ञानिक नाम Citrullus lanatus है और यह कुकुर्बिटेसी (Cucurbitaceae) परिवार का पौधा है. माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति अफ्रीका में हुई थी, जहां से यह धीरे-धीरे एशिया, यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों में पहुंचा. आज भारत सहित कई देशों में इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है.
भारत में तरबूज की खेती मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा और पंजाब में होती है. यह गर्म जलवायु में अच्छी तरह बढ़ता है. इसकी बुवाई आमतौर पर जनवरी से मार्च के बीच की जाती है और फसल लगभग 80 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है.
तरबूज एक बेल वाला पौधा है, जो जमीन पर फैलकर बढ़ता है. इसके फल गोल, अंडाकार या लंबे आकार के हो सकते हैं.
भारत में तरबूज का उपयोग मुख्य रूप से ताजा फल के रूप में किया जाता है. इसके अलावा इससे जूस, स्मूदी, फ्रूट सलाद, शरबत और अन्य पेय पदार्थ भी तैयार किए जाते हैं. कई जगह इसके छिलके से अचार और मुरब्बा भी बनाया जाता है. इसके बीजों का उपयोग सूखे मेवे और विभिन्न खाद्य उत्पादों में भी किया जाता है.
देश की फल मंडियों में गर्मियों के दौरान तरबूज की मांग काफी बढ़ जाती है. इसकी कीमत मौसम, उत्पादन, गुणवत्ता और स्थानीय बाजार की उपलब्धता के अनुसार बदलती रहती है. किसानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण नकदी फसल मानी जाती है, क्योंकि इसकी मांग शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बनी रहती है.
आज तरबूज भारत के सबसे लोकप्रिय मौसमी फलों में शामिल है। इसकी व्यापक खेती, आसान उपलब्धता और खाद्य उद्योग में बढ़ते उपयोग के कारण यह कृषि और फल उत्पादन क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है.
गर्मियों में चेहरे पर तेज धूप का असर साफ दिखने को मिलता है, स्किन डल हो जाती है. मगर इस मौसम में आप लाल सलाद खाकर अपने चेहरे की रौनक वापस ला सकते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इस लाल सलाद को घर पर बनाना भी बहुत आसान है.