भारत की रक्षा क्षमता और एयरोस्पेस क्षेत्र को सशक्त बनाने में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) एक अग्रणी नाम है. यह कंपनी टाटा समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई है और इसकी स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड का मुख्यालय हैदराबाद (तेलंगाना) में स्थित है. यह कंपनी एयरोस्पेस, डिफेंस, होमलैंड सिक्योरिटी और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज के क्षेत्रों में काम करती है. भारत सरकार के Make in India और Atmanirbhar Bharat अभियानों के तहत TASL ने रक्षा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) ने कर्नाटक के वेमगल प्लांट में Satellogic के साथ मिलकर TSAT-1A बनाया है. यह भारत का पहला ऐसा सैटेलाइट है, जिसे निजी कंपनी ने बनाया है और जो सब-मीटर रिज़ॉल्यूशन वाली अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सेवाएं देता है. इस सैटेलाइट को 7 अप्रैल 2024 को रात 11:16 बजे (GMT) स्पेसएक्स के Falcon 9 Bandwagon-1 मिशन से लॉन्च किया गया.
TASL ने अमेरिकी कंपनी Satellogic (जो लो-अर्थ ऑर्बिट यानी LEO सैटेलाइट बनाती है) के साथ एक समझौता भी किया है, जिसके तहत भारत में LEO सैटेलाइट बनाने की फैक्ट्री तैयार की जाएगी.
भारत सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की डील के लिए शुरुआत कर दी है. 3.25 लाख करोड़ रुपये के सौदे में 22 जेट्स तैयार होकर आएंगे. 90 का निर्माण भारत में किया जाएगा.
रक्षा मंत्रालय ने भारत के स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर AMCA प्रोजेक्ट के लिए तीन कंपनियों को RFP जारी कर दिया है. L&T-BEL, Tata Advanced Systems और Bharat Forge-BEML को शामिल किया गया है.
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने भारत में पहली बार एयरबस C295 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान की पूरी असेंबली पूरी कर ली है, जो जल्द ही रोल-आउट के लिए तैयार होगा. C295 वही एयरक्राफ्ट मॉडल है, जिसे US एयर फोर्स ने ईरान से अपने पायलटों को निकालने के लिए इस्तेमाल हुआ था.
DRDO ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में विक्रम VT21 एडवांस्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (ट्रैक्ड और व्हील्ड) लॉन्च किया. VRDE ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और भारत फोर्ज के साथ मिलकर मात्र 3 साल में तैयार किया है. 30 mm क्रूलेस टरेट, ATGM लॉन्च, STANAG लेवल 4-5 सुरक्षा, हाई पावर इंजन, हाइड्रो जेट से पानी पार करने की क्षमता है. भारतीय सेना के ICV-APC रोल के लिए गेम चेंजर साबित होगा.
लॉकहीड मार्टिन और टाटा ने बड़ा कीर्तिमान बनाया है. हैदराबाद में बना C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान का 250वां पूंछ हिस्सा (एम्पेनेज) अमेरिका भेजा गया. 2010 से चल रही इस जॉइंट वेंचर ने भारत को वैश्विक एयरोस्पेस चेन का अहम हिस्सा बना दिया. मेक इन इंडिया को बढ़ावा, सैकड़ों नौकरियां और दुनिया के 23 देशों की वायुसेना को मजबूती मिली.
एयरबस और टाटा मिलकर कर्नाटक के वेमागल में H125 हेलीकॉप्टर का पहला निजी असेंबली प्लांट लगाएंगे. 2027 में पहला मेड इन इंडिया H125 तैयार होगा. सिविल और सैन्य H125M संस्करण बनेंगे, हिमालय के लिए उपयोगी. दक्षिण एशिया में निर्यात भी. आत्मनिर्भर भारत को मजबूती, नौकरियां बढ़ेंगी.