सहस्रधारा (Sahastradhara), उत्तराखंड राज्य के देहरादून (Uttarakhand, Dehradun) जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. इसका नाम "सहस्रधारा" संस्कृत शब्दों से आया है- "सहस्र" अर्थात् हजार और "धारा" अर्थात् झरना या प्रवाह. यह स्थल अपने प्राकृतिक सौंदर्य, हरे-भरे जंगल, ठंडी व निर्मल जलधारा और आयुर्वेदिक गुणों के लिए जाना जाता है. सहस्रधारा की लंबी गुफाएं और पेचिदा चट्टानों के बीच से बहती झरना रूह को सुकून प्रदान करती है.
15 सितंबर 2025 को भारी बारिश के कारण रात में बादल फटने से यहां बड़ी तबाही मची थी, जिसमें दो लोग लापता हो गए थे.
सहस्रधारा में एक मुख्य झरना है जो चट्टानों की दरारों से होकर बहता है. इस झरने का पानी कैल्शियम, सल्फर और अन्य खनिजों से भरपूर होता है, जो इसे स्वास्थ्यवर्धक बनाता है. सहस्रधारा के झरने का पानी खनिजों से भरपूर होने के कारण आयुर्वेद में इसका विशेष महत्व माना जाता है. चारों ओर हरियाली से घिरा यह क्षेत्र सैलानियों के लिए एक आदर्श स्थल है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार, यहां के झरने का पानी स्नान करने से त्वचा रोग, गठिया, शारीरिक दर्द और अन्य विकारों में राहत मिलती है. विशेष रूप से सल्फरयुक्त पानी की वजह से त्वचा की कई समस्याओं में लाभ होता है. कई लोग यहां दूर-दराज से भी उपचार के लिए आते हैं.
सहस्रधारा, देहरादून से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. वाहन से आसानी से पहुंचा जा सकता है.
देहरादून में बादल फटने से भारी तबाही मची है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कुदरत ने विनाशकारी रूप दिखाया, जिससे पूरा शहर दहल उठा। सहस्त्रधारा इलाके में बाढ़ से कई लोग लापता हैं और अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. सड़कें और पुल धराशाई हो गए, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित है.
उत्तराखंड में देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, दो जगह बादल फटे, जिसके बाद बरसाती नाले उफान पर आ गए और पूरा इलाका पानी के सैलाब में डूब गया. इस आपदा में एक तीन मंजिला होटल और कई दुकानें जमींदोज हो गईं. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
देहरादून के मशहूर पिकनिक स्पॉट सहस्त्रधारा में आई आपदा ने कई लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. यह क्षेत्र अपने प्राकृतिक झरने और वाटर पार्क के लिए जाना जाता है. दोस्तों का एक ग्रुप अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने आया था, तभी अचानक ऊपर से पानी, पत्थर और पेड़ बहकर आए. प्रत्यक्षदर्शी ने क्या-क्या बताया. देखिए.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के अलग-अलग इलाकों में आसमानी आफत ने तबाही मचा दी है. सहस्त्रधारा इलाके में बादल फटने से आए सैलाब ने कई घरों-दुकानों को नुकसान पहुंचाया है. नदी किनारे मौजूद लोगों की आजीविका पर संकट गहरा गया है. रात 11:30 बजे हुई घटना में सब कुछ बह गया. कई परिवारों की दुकानें नष्ट हो गईं, जिससे उनकी रोजी-रोटी छिन गई. सुनें पीड़ितों की आपबीती.