कोकराझार (Kokrajhar) जिला असम राज्य के पश्चिमी हिस्से में स्थित है और बोडोलैंड क्षेत्रीय प्रशासनिक ढांचे का अहम हिस्सा माना जाता है. यह जिला प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और जातीय पहचान के लिए जाना जाता है. कोकराझार बोडो समुदाय का प्रमुख केंद्र है और यहां बोडो भाषा और संस्कृति का विशेष प्रभाव देखने को मिलता है.
कोकराझार जिला ब्रह्मपुत्र घाटी के उत्तरी भाग में स्थित है. इसके आसपास चिरांग, बोंगाईगांव और धुबरी जैसे जिले पड़ते हैं. भूटान की सीमा भी इस क्षेत्र के करीब है, जिससे यह सामरिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां की भूमि उपजाऊ है और कृषि स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार कोकराझार जिले की कुल आबादी लगभग 8.87 लाख (887,142) थी. यहां बोडो, असमी, बंगाली और अन्य समुदायों के लोग निवास करते हैं. जिले की साक्षरता दर करीब 66 प्रतिशत दर्ज की गई थी. ग्रामीण आबादी का प्रतिशत अधिक है और अधिकांश लोग खेती, पशुपालन तथा छोटे व्यवसायों से जुड़े हैं.
कृषि यहां की मुख्य आजीविका है. धान, मक्का, सब्जियां और सरसों की खेती बड़े पैमाने पर होती है. इसके अलावा हस्तशिल्प और बुनाई भी स्थानीय लोगों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत हैं. क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन की भी संभावनाएं हैं.
कोकराझार बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) का मुख्यालय है, जिससे इसका प्रशासनिक महत्व बढ़ जाता है. कोकराझार जिला सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और क्षेत्रीय पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जो असम की सामाजिक और राजनीतिक संरचना में विशेष स्थान रखता है.