अयोध्या, जो भगवान राम के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है, में स्थित हनुमानगढ़ी एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है (Hanuman Garhi, Ayodhya). यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और इसे अयोध्या के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक माना जाता है. हनुमानगढ़ी का इतिहास काफी रोचक और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक है.
माना जाता है कि हनुमानगढ़ी का निर्माण 10वीं शताब्दी के आसपास हुआ था. यह स्थल उस समय से रामभक्त हनुमान की भक्ति का केंद्र रहा है. मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहां भगवान हनुमान की बैसाखी मुद्रा वाली मूर्ति स्थापित है, जो अपने भक्तों को संकटों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रसिद्ध है. भक्त यहां सुबह और शाम को दर्शन और पूजा के लिए आते हैं.
हनुमानगढ़ी का वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक और शांति देने वाला है. यहां का प्रवेश द्वार और मंदिर की संरचना परंपरागत हिन्दू वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है. मंदिर के मुख्य द्वार पर भगवान हनुमान की विशाल मूर्ति और आसपास के धार्मिक चित्रावलियां दर्शनीय हैं.
मंदिर का एक और आकर्षण यह है कि यहां कई धार्मिक उत्सव बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं. हनुमान जयंती, राम नवमी और दीपावली के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं. भक्तगण यहां प्रसाद चढ़ाते हैं और आरती में भाग लेकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं.
हनुमानगढ़ी केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अयोध्या का महत्वपूर्ण स्थल है. यहां की भव्यता, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है. अयोध्या आने वाले हर व्यक्ति के लिए हनुमानगढ़ी की यात्रा अनिवार्य मानी जाती है, क्योंकि यहाँ का वातावरण और भगवान हनुमान की भक्ति मन और आत्मा को प्रफुल्लित कर देती है.
अयोध्या के राम मंदिर और हनुमान गढ़ी में नए साल के अंत के मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ गई है. लोग दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं. कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे साल का अंत राम और हनुमान जी के दर्शन के साथ करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अयोध्या की यात्रा की योजना बनाई है. इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है.