गुजिया (Gujiya) एक लोकप्रिय भारतीय मिठाई है. इसे खासतौर पर होली और हरतालिका तीज और अन्य त्योहारों पर बनाई जाती है. यह एक मीठा पकवान है जिसमें मैदे की परत के अंदर खोया, नारियल, सूखे मेवे और चीनी का मिश्रण भरा जाता है. इसे डीप फ्राई करके बनाया जाता है और कई बार ऊपर से चाशनी में डुबोकर भी परोसा जाता है.
गुजिया बनाने की विधि
सामग्री:
आटा गूंधने के लिए:
2 कप मैदा
4 बड़े चम्मच घी
पानी (जरूरत के अनुसार)
स्टफिंग के लिए:
1 कप खोया (मावा)
½ कप पिसी हुई चीनी
¼ कप सूखा नारियल (कद्दूकस किया हुआ)
2 बड़े चम्मच कटे हुए काजू, बादाम, पिस्ता
1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
तलने के लिए:
घी या तेल
विधि:
आटा गूंधना:
मैदे में घी मिलाकर अच्छे से मिक्स करें.
पानी डालकर सख्त आटा गूंध लें और 30 मिनट ढककर रख दें.
भरावन तैयार करना:
एक कड़ाही में खोया धीमी आंच पर भूनें जब तक वह हल्का सुनहरा न हो जाए.
इसमें पिसी चीनी, नारियल, मेवे और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
ठंडा होने के लिए रख दें.
गुजिया बनाना:
गूंथे हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और बेलकर पूरियों की तरह गोल आकार दें.
इसमें 1-2 चम्मच तैयार स्टफिंग भरें और किनारों पर हल्का पानी लगाकर बंद कर दें.
किनारों को उंगलियों या फोर्क से दबाकर डिजाइन बना सकते हैं.
तलना:
एक कड़ाही में घी गरम करें और धीमी आंच पर गुजिया को सुनहरा होने तक तलें.
पेपर टॉवल पर निकालकर ठंडा करें.
इसे ठंडा या हल्का गर्म परोसें.
History of gujiya: रिसर्च और फूड–राइटर्स की रिपोर्ट्स बताती हैं कि 13वीं से 17वीं सदी के बीच अलग-अलग रसोइयों और राजदरबारों में प्रयोग होते-होते गुजिया का नया रूप दिया था. तो आइए गुजिया का इतिहास जान लेते हैं.
Hidden calories in chashni gujiya: होली पर खाई जाने वाली रसीली गुजिया में कैलोरी काफी अधिक होती है जो वजन के साथ-साथ बेली फैट भी बढ़ा सकती है.