फरक्का (Farakka) पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित एक प्रसिद्ध स्थान है, जो अपने ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व के लिए जाना जाता है. यह गंगा नदी के किनारे बसा है और भारत के सबसे प्रसिद्ध बैराजों में से एक, फरक्का बैराज (Farakka Barrage) के कारण प्रसिद्ध है. यह बैराज 1975 में बनाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित करना और हुगली नदी में पर्याप्त जल उपलब्ध कराना था ताकि कोलकाता बंदरगाह की नौवहन क्षमता बनी रहे.
फरक्का बैराज लगभग 2.24 किलोमीटर लंबा है और इसमें कई स्लूइस गेट्स लगे हैं, जिनसे जल प्रवाह नियंत्रित किया जाता है. यह न सिर्फ सिंचाई और परिवहन के लिए उपयोगी है बल्कि बाढ़ नियंत्रण में भी मददगार साबित होता है. फरक्का से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग उत्तर व दक्षिण बंगाल को जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार, फरक्का नगर पंचायत की आबादी 20,126 थी, जिसमें लगभग 10,300 पुरुष और 9,800 महिलाएं शामिल थीं.
हालांकि, फरक्का बैराज से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों पर भी चर्चा होती रही है, खासकर बिहार और बांग्लादेश में जल वितरण को लेकर. फिर भी, फरक्का पश्चिम बंगाल के विकास, जल प्रबंधन और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना हुआ है.
मुर्शिदाबाद के फरक्का में बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले में टीएमसी विधायक मोनिरुल इस्लाम ने चुनाव आयोग से माफी मांगी है. उन्होंने चुनाव आयोग पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की थीं. वीडियो वायरल होने पर आयोग के निर्देश पर एफआईआर हुई, जिसके बाद विधायक ने एसडीओ को पत्र लिखकर सफाई दी.