दाबेली (Dabeli) भारत के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड में शामिल है. यह खासतौर पर गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में काफी पसंद किया जाता है. दाबेली का नाम गुजराती शब्द ‘दाबेली’ से जुड़ा माना जाता है, जिसका मतलब दबाया हुआ होता है. इसे बनाने के तरीके में मसालेदार आलू के मिश्रण को पाव के बीच रखकर हल्के दबाव के साथ तैयार किया जाता है.
दाबेली की शुरुआत गुजरात के कच्छ क्षेत्र से मानी जाती है. कच्छ के मांडवी शहर को दाबेली से खास तौर पर जोड़ा जाता है. समय के साथ यह स्नैक गुजरात के दूसरे शहरों और फिर देश के कई हिस्सों तक पहुंच गया. आज इसे छोटे स्टॉल से लेकर बड़े फूड आउटलेट्स तक पर आसानी से देखा जा सकता है.
दाबेली बनाने के लिए आमतौर पर पाव, उबले हुए आलू, दाबेली मसाला, इमली-खजूर की चटनी, लहसुन या लाल मिर्च की चटनी, मूंगफली, सेव और अनार के दानों का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि अलग-अलग जगहों पर इसकी सामग्री और बनाने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है.
इसे तैयार करने के लिए पहले आलू को मैश करके उसमें दाबेली मसाला मिलाया जाता है. इस मिश्रण को तवे पर मसालों के साथ पकाया जाता है. इसके बाद पाव को बीच से काटकर उसमें आलू का मिश्रण, चटनी, मूंगफली, सेव और अन्य सामग्री डाली जाती है. कई दुकानों पर पाव को तवे पर हल्का टोस्ट कर भी परोसा जाता है.
दाबेली की खास पहचान इसका मसालेदार और चटपटा स्वाद है. इसमें मीठी, तीखी और खट्टी चटनी का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद अलग बनता है. कुछ जगहों पर इसे अतिरिक्त सेव, मूंगफली या अनार के दानों के साथ सजाकर परोसा जाता है. इसकी आसान तैयारी और अलग स्वाद के कारण यह भारतीय स्ट्रीट फूड कल्चर का जाना-पहचाना हिस्सा बन चुकी है.
वड़ापाव और समोसा खाकर बोर हो चुके हैं? तो इस शाम को गुजरात की मशहूर तीखी-मीठी और चटपटी दाबेली ट्राई करें. उबले आलू, क्रंची मूंगफली, अनार के दाने और नायलॉन सेव के परफेक्ट कॉम्बिनेशन से बनी यह आसान रेसिपी आपके स्नैक्स का स्वाद बदल देगी. जानें रेसिपी...