चिरांग (Chirang), असम उत्तर-पूर्वी भारत के असम राज्य का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और सामाजिक विविधता के लिए जाना जाता है. चिरांग जिला 2004 में गठित किया गया था और यह बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) का हिस्सा है. इसका प्रशासनिक मुख्यालय काजलगांव (Kajolgaon) में स्थित है. यह जिला भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ है, जिससे इसका भौगोलिक और सामरिक महत्व भी बढ़ जाता है.
चिरांग का भू-भाग मुख्य रूप से पहाड़ी तराई और समतल मैदानों से मिलकर बना है. यहां की जलवायु उपोष्णकटिबंधीय है, जहां गर्मियों में पर्याप्त वर्षा होती है और सर्दियों में मौसम सुहावना रहता है. मानसून के समय जिले की नदियां और हरियाली इसे बेहद आकर्षक बना देती हैं. यह क्षेत्र कृषि प्रधान है, जहां धान, मक्का, सरसों और सब्जियों की खेती प्रमुख रूप से की जाती है.
जनसंख्या की दृष्टि से चिरांग बहु-सांस्कृतिक जिला है. यहां बोडो, आदिवासी, असमिया, बंगाली और नेपाली समुदाय के लोग रहते हैं. बोडो जनजाति की संस्कृति यहां विशेष रूप से देखने को मिलती है, जिनके पारंपरिक नृत्य, संगीत और त्योहार स्थानीय जीवन का अहम हिस्सा हैं. ब्विसागु (Bwisagu) यहां का प्रमुख त्योहार है, जिसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है.
शिक्षा और विकास के क्षेत्र में चिरांग धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. यहां सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज तथा तकनीकी संस्थान मौजूद हैं.
