बशीरहाट (Basirhat) पश्चिम बंगाल राज्य के उत्तर 24 परगना जिले का एक शहर है और यह एक बड़ा नगर क्षेत्र (Greater Municipal Urban Agglomeration) भी है. यह बशीरहाट उपखंड का मुख्यालय है. 1 अप्रैल 1869 को स्थापित बशीरहाट, पश्चिम बंगाल की सबसे पुरानी नगरपालिकाओं में से एक है. बशीरहाट राजधानी कोलकाता से लगभग 65 किमी दूर है. साथ ही बांग्लादेश की सीमा इछामती नदी के पार से लगती है.
यह शहर दुर्गा पूजा के लिए बहुत प्रसिद्ध है और यहां 100 से अधिक दुर्गा पूजा समितियां हैं. केंद्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, बशीरहाट भारत के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक है, खासकर कचरा प्रबंधन के मामले में. बशीरहाट पश्चिम बंगाल का पहला शहर है जिसने कचरा प्रबंधन की रियल टाइम निगरानी के लिए QR कोड आधारित जियो टैगिंग सिस्टम शुरू किया.
2011 की जनगणना के अनुसार, बसीरहाट नगर पालिका की आबादी 1,25,254 थी. यहां प्रति 1000 पुरुषों पर 981 महिलाएं थीं और साक्षरता दर 87.35% दर्ज की गई थी.
यहां के लोगों के लिए खेती मुख्य आधार है. धान, जूट और सब्जियां इस क्षेत्र की प्रमुख फसलें हैं. साथ ही मछली पालन भी बड़ी संख्या की जाती है. की ओर पलायन करते हैं.
बशीरहाट के मतदान केंद्र पर व्यापक स्तर पर मतदाताओं के निष्कासन ने चुनावी शुचिता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है. पीड़ित पक्ष ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का दावा किया है.