आलप्पुझा (Alappuzha), जिसे पहले अल्लेप्पी के नाम से जाना जाता था, केरल का एक बेहद खूबसूरत तटीय शहर है. यह शहर अपनी शांत बैकवॉटर झीलों, हरे-भरे नारियल के पेड़ों और पारंपरिक हाउसबोट्स के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इसे अक्सर “पूर्व का वेनिस” (Venice of the East) भी कहा जाता है, क्योंकि यहां की नहरें और जलमार्ग पूरे शहर को आपस में जोड़ते हैं.
आलप्पुझा का सबसे बड़ा आकर्षण यहां के बैकवॉटर हैं, जो वेम्बनाड झील से जुड़े हुए हैं. पर्यटक यहां हाउसबोट में ठहरकर पानी के बीच तैरते घर जैसा अनुभव लेते हैं. हाउसबोट की यात्रा के दौरान चारों ओर फैले धान के खेत, छोटे-छोटे गांव और स्थानीय जीवन की झलक देखने को मिलती है. यह अनुभव केरल पर्यटन की पहचान बन चुका है.
यह शहर अपनी समुद्री तटरेखा के लिए भी जाना जाता है. आलप्पुझा बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां सूर्यास्त का नजारा बेहद मनमोहक होता है. यहां स्थित 150 साल पुराना लाइटहाउस पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र है. समुद्र किनारे टहलना और ताजी हवा का आनंद लेना यहां आने वालों के लिए यादगार अनुभव बन जाता है.
आलप्पुझा की संस्कृति और परंपरा भी उतनी ही समृद्ध है. यहां हर साल प्रसिद्ध नेहरू ट्रॉफी बोट रेस का आयोजन होता है, जिसमें लंबी सांप नौकाएं (चुंडन वल्लम) प्रतिस्पर्धा करती हैं. यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए गर्व और उत्साह का प्रतीक है और बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है.
आर्थिक रूप से भी आलप्पुझा महत्वपूर्ण है. यह शहर पारंपरिक कोयर (नारियल रेशा) उद्योग के लिए जाना जाता है. यहां तैयार होने वाले कोयर उत्पाद देश-विदेश में निर्यात किए जाते हैं. इसके अलावा मत्स्य पालन और पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं.
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