आगरा किला उत्तर प्रदेश (Agra Fort, Uttar Pradesh) के आगरा शहर में स्थित भारत के सबसे भव्य और ऐतिहासिक किलों में से एक है. यह किला यमुना नदी के तट पर स्थित है और मुगल साम्राज्य की शक्ति, कला और वास्तुकला का शानदार उदाहरण माना जाता है. वर्ष 1983 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया.
आगरा किले का निर्माण 16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था. पहले यह एक ईंटों का किला था, जिसे अकबर ने लाल बलुआ पत्थर से भव्य दुर्ग के रूप में विकसित कराया. बाद में उनके पोते शाहजहां ने इसमें संगमरमर की कई सुंदर इमारतों का निर्माण कराया, जिससे किले की भव्यता और भी बढ़ गई.
यह किला अर्धचंद्राकार आकार में बना हुआ है और इसकी ऊंची-ऊंची दीवारें लगभग ढाई किलोमीटर तक फैली हैं. किले के भीतर कई ऐतिहासिक इमारतें मौजूद हैं, जिनमें जहांगीरी महल, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, मोती मस्जिद, मुसम्मन बुर्ज और खास महल प्रमुख हैं. मुसम्मन बुर्ज वही स्थान है, जहां से शाहजहां ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में ताजमहल को निहारा था.
आगरा किला केवल एक सैन्य दुर्ग ही नहीं, बल्कि मुगल सम्राटों का प्रमुख निवास और प्रशासनिक केंद्र भी था. यहीं से मुगल साम्राज्य के कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी इस किले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
आज आगरा किला देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. ताजमहल के निकट स्थित होने के कारण अधिकांश पर्यटक दोनों स्थलों को एक साथ देखने आते हैं. आगरा किला न केवल भारत के गौरवशाली इतिहास की कहानी कहता है, बल्कि मुगल काल की स्थापत्य कला और सांस्कृतिक समृद्धि को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है.