संजय सिन्हा आज एक पंडितजी से मुलाकात का जिक्र कर रहे हैं कैसे एक पंडितजी उनसे मिलने दफ्तर में चले आए. वे सुना रहे हैं कि कैसे पंडितजी ने उनसे मुलाकात के बाद चैनल में नौकरी की बात कही. जबकि वे किसी चैनल में काम कर रहे हैं. वहां अच्छी टीआरपी भी हासिल कर रहे हैं. वे पंडितजी से पूछते हैं ककि क्या वे अपने चैनल की टीआरपी नहीं देख सकते. पंडितजी बताते हैं कि कैसे वे बिना पूछे किसी की जिंदगी में नहीं झांकते. संजय सिन्हा इस कहानी के मार्फत किसी की भी जिंदगी में बिना वजह दखलंदाजी न करने का जिक्र करते हैं